
Anwar Hussain
Jamtara: जिले में दाखिल-खारिज के मामलों का निबटारा समय पर नही हो रहा है. सरकार ने दाखिल खारिज के मामले के निबटारे के लिए समय सीमा का निर्धारण किया है. बावजूद इसके जिले में दाखिल-खारिज का काम लंबित हो रहा है. इसकी वजह से रैयतों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. रैयत, अंचल कार्यालय का चक्कर लगा-लगा कर थक जा रहे हैं. लेकिन समय पर उनका दाखिल खारिज का काम नही हो पा रहा है. कई-कई अंचलों में महीनों से मामला लंबित है.
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जामताड़ा जिला में कुल 101 मामले लंबित
बता दें कि जामताड़ा जिला में दाखिल खारिज के कुल 101 मामले लंबित है. सबसे ज्यादा लंबित मामले जामताड़ा प्रखंड अंचल में (कुल 60) है. जबकि कर्माटांड़ प्रखंड अंचल में 26 मामले लंबित है. वहीं नारायणपुर अंचल में 13 मामले लंबित है. जबकि उपरोक्त तीनो अंचलों में अंचलाधिकारी पदस्थापित हैं. इसके बाद भी दाखिल खारिज की योजनाएं लंबित है.
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डीसी ने दाखिल खारिज के निबटारे का दिया था आदेश
बता दें कि 14 सितंबर की समीक्षा बैठक में डीसी फैज अक अहमद ने दाखिल खारिज की योजनाएं जल्द से जल्द निपटारा करने का आदेश दिया था. अंचल कार्यालयों में इसके बाद भी कार्य धीमी गति से चल रहा है.
तीन प्रखंड में सीओ का पद रिक्त, लंबित नही है एक भी मामला
जिले के नाला, कुंडहित व फतेहपुर प्रखंड में अंचलाधिकारी का पद रिक्त है. इसके बाद भी दाखिल खारिज के मामले समय पर हो रहे हैं. वहीं जामताड़ा, नारायणपुर व कर्माटांड़ प्रखंड में अंचलाधिकारी पदस्थापित हैं. फिर भी दाखिल-खारिज का मामला समय पर नहीं हो निबटारा हो रहा है. जामताड़ा अंचल में 60 मामले, कर्माताड़ अंचल में 26, नारायणपुर अंचल में 13 मामले लंबित है. वहीं कुंडहित अंचल में 2 मामला लंबित है. इस संबंध में अपर समाहर्ता सुरेंद्र कुमार के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर बात नही हो सकी.
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