Jharkhand

लघु खनिज पट्टाधारकों को 31 मार्च 2022 तक का मिला विस्तार,  नियमावली में किया गया संशोधन

 खनन योजना और पर्यावरणीय स्वीकृति देने पर खान आयुक्त लेंगे निर्णय

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Ranchi : लघु खनिज पट्टाधारकों को दो साल का पट्टा विस्तार दिया गया है. इस विस्तार के साथ ही झारखंड लघु खनिज समनुदान नियमावली 2004 में भी कुछ संशोधन की गयी है. खान भूतत्व विभाग की ओर से ये अधिसूचना जारी की गयी है. विभाग की ओर से ये अधिसूचना 28 सितंबर को लागू की गयी. जिसमें साल 2004 की नियामवली में कई संशोधन किये गए हैं. बता दें 31 मार्च 2020 से लघु खनिज पट्टाधारकों को लीज एक्सटेंशन नहीं दिया गया था. जिसके बाद अब विभाग ने यह निर्णय लिया है. इसमें मुख्य रूप से पत्थर खनन पट्टाधारक लाभान्वित होंगे. खनन योजना और पर्यावरणीय स्वीकृति देने का अधिकार खान आयुक्त के पास होगा, जैसा साल 2019 के नियमों में वर्णित है. विभागीय अधिसूचना के अनुसार यह नियमावली झारखंड लघु खनिज समनुदान संशोधन नियमावली 2020 कहलायेगी. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य कैबिनेट की इस अधिसूचना को स्वीकृति मिल गयी है.

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 दो साल के अंदर ई ऑक्सन की प्रक्रिया में शामिल होंगे पट्टाधारक

इस एक्सटेंशन के साथ ही ई ऑक्सन निर्धारित समय में करने का भी निर्देश दिया गया है. जिसके अनुसार पट्टा धारक इन्हीं दो सालों में उक्त खनन क्षेत्र के लिये ई ऑक्सन प्रक्रिया पूरी कर लेंगे. विभाग के मुताबिक ई ऑक्सन निर्धारित समय में हो. जिससे 31 मार्च 2022 से चयनित पट्टाधारक काम शुरू कर सकें. ऐसे में समय की बर्बादी नहीं होगी साथ ही राजस्व का नुकसान भी नहीं होगा. सरकारी कंपनियों या निगमों के खनन पट्टा का अवधि विस्तार झारखंड माइनर मिनरल नियम के तहत होगा. जो अलग से अधिसूचित है.

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खान पट्टा पर खान आयुक्त लेंगे निर्णय

अधिसूचना में जिक्र है कि 2019 की नियमावली के मुताबिक खनन योजना और पर्यावरणीय स्वीकृति देना था. जिसके लिये पट्टाधारकों को 180 दिनों का समय दिया गया. आवेदकों की गलती नहीं होने के बावजूद खनन योजना और पर्यावरणीय स्वीकृति पट्टाधारकों को नहीं दी गयी. जिससे उनका खनन पट्टा भी स्वीकृत नहीं किया गया. ऐसे मामलों में 2019 की नियमावली के अनुसार खान आयुक्त निर्णय लेंगे. खान आयुक्त को अधिकार होगा कि वे आवेदनों के गुण और दोष के आधार पर निर्णय लेंगे.

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