
Jamtara: जिले में कई वर्षों से पदाधियारियों की कमी है. यहां सरकारी विभागों का संचालन प्रभार के पदाधिकारियों द्वारा चल रहा है. मालूम हो कि जिले में छह प्रखंड हैं. कुल 118 पंचायत हैं. वहीं यहां की आबादी वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग साढ़े सात लाख की है.
यहां दर्जनों ऐसे विभाग हैं जो कि प्रभार में चल रहे हैं. किसी-किसी विभाग में तो दूसरे जिला के पदाधिकारी प्रभार में हैं. जिस वजह से अपने मन मुताबिक पदाधिकारी यहां पहुंचते हैं. और अपने मन मुताबिक यहां से चले भी जाते हैं. पदाधियारियों की कमी के कारण लोगों का काम भी समय पर नहीं हो रहा है।.लोग पदाधिकारी से मिलने पहुंचते हैं तो पदाधिकारी से मुलाकात नहीं हो पाती है. ऐसे में लोगों की समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हो पाता है.
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कई विभाग दो तो कई तीन सालों से कर रहे पदाधिकारी का इंतजार
जिले के कई ऐसे विभाग हैं, जहां दो-तीन सालों से पदाधिकारी नहीं है. राज्य में सरकार बदली लेकिन जामताड़ा जिला में पदाधिकारियों की कमी को दूर नहीं कर पायी. यहां पदाधिकारियों की कमी की समस्या से लोग परेशान हैं. लोगों का कोई काम समय पर नहीं हो पा रहा है. जिले में कई सालों से जिला आपूर्ति पदाधिकारी नहीं हैं.
कभी-कभी कनीय तो कभी वरीय पदाधिकारी प्रभार लेते हैं. जिससे कार्यों में पारदर्शिता की कमी देखी जाती है. वहीं जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला गब्य पदाधिकारी, जिला नियोजन पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी वर्षों से नहीं हैं. ये विभाग सीधे आम जनता से जुड़ा हुआ है. फिर भी किसी का इस ओर ध्यान नहीं जाता है.
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प्रभार में चल रहे हैं जिला के ये विभाग
जिला में कई विभाग वर्षों से प्रभार में चल रहे हैं. जिनमें सहकारिता, जिला पशुपालन, जिला गब्य, जिला आपूर्ति, जिला परिवहन, जिला खेल, जिला नियोजन, जिला माप तौल, जिला समाज कल्याण, आइटीडीए, जिला सामाजिक सुरक्षा, जिला भूमि संरक्षण विभाग शामिल हैं.
डीसी की और से सरकार को कई बार इस संबंध में पत्राचार भी किया गया, लेकिन इसका कोई फायदा नजर नहीं आया. अब लोगों को राज्य की नयी सरकार से जिला में पदाधिकारियों की कमी को पूरा करने की आस है.
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