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सुशांत सिंह सुसाइड केस: द अनटोल्ड स्टोरी

Girish Malviya

दरअसल बॉलीवुड जो हमें ऊपर से नजर आता है अंदर से वह वैसा बिल्कुल भी नहीं है. ऊपर से हमें सिर्फ और सिर्फ ग्लैमर दिखता है लेकिन अंदर घटिया राजनीति का बजबजाता गंदा कीचड़ है जहां हर कोई एक दूसरे की टांग खींचने में लगा हुआ है….अगर मैं आपसे कहूं कि सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या इस कड़ी की तीसरी आत्महत्या है तो आपको आश्चर्य होगा!..

छह दिनों पहले उसकी मैनेजर रह चुकी दिशा सलियन ने 12वें माले से कूदकर जान दे दी. यह इस कड़ी की दूसरी आत्महत्या थी…इस कड़ी की पहली आत्महत्या की कोशिश आज से 2 साल पहले हुई थी. लेकिन कामयाब नहीं हुई और वह कोशिश की थी अनिर्बन दास ब्लाह की…

आप कहेंगे कि इन तीनों घटनाओं का आपस में क्या ताल्लुक है. अनिर्बन दास ब्लाह उस सेलिब्रिटी मैनेजमेंट कंपनी के मुख्य कर्ता धर्ता थे, जिसकी दिशा एक सेलेब्रिटी मैनेजर रही थी और वही कम्पनी सुशान्त का काम कुछ समय पहले तक देख रही थी. उस सेलिब्रिटी मैनेजमेंट कंपनी का नाम क्वान एंटरटेनमेंट है.

क्वान एंटरटेनमेंट भारत की सबसे बड़ी सेलिब्रिटी मैनेजमेंट फर्मों में शुमार की जाती है. इसके क्लाइंट की लिस्ट में रणबीर कपूर, दीपिका पादुकोण, ऋतिक रोशन, टाइगर श्रॉफ, सोनम कपूर, श्रद्धा कपूर और जैकलिन फर्नांडीज जैसे चर्चित फिल्मी सितारे शामिल हैं.

हमें फ़िल्म इंडस्ट्री के बारे में जो अब तक ऊपर-ऊपर से पता है कि हर हीरो हीरोइन का कोई सुभाष घई टाइप का गॉडफादर होता है. दरअसल हम बहुत ओल्ड फैशन्ड सोच में उलझे हुए हैं, अब सुभाष घई जैसों का जमाना गया. अब 21वीं सदी का दूसरा दशक खत्म होने का आया और हम 90 के एरा की बातें सोच के बैठे हैं. 2000 के दशक में यह सब बदलना शुरू हुआ और 2015 तक आते-आते सेलिब्रिटी मैनेजमेंट कंपनियों ने इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की सूरत बदल दी. क्योंकि अब उसने विदेशी पूंजी भी बड़े पैमाने पर आने लगीं थी यह खेल सेकेट्री टाइप के लोगों के बस का नहीं था. अब सिर्फ कम्पनियों के खेल थे.अब यह खेल सिर्फ फ़िल्म के नहीं बचे थे, अब बात ब्रांड इंडोर्समेंट की हो रही थी.

ब्रांड इंडोर्समेंट के खेल की ऐसी ही एक और खिलाड़ी है सेलिब्रिटी मैनेजमेंट कंपनी ‘कॉर्नरस्टोन’, दिशा सलियान कुछ दिनों पहले तक उसी में काम कर रहीं थीं, कॉर्नरस्टोन स्पोर्ट्स एंड एंटरटेनमेंट के सीइओ बंटी सजदेह हैं. जिनकी चचेरी बहन रितिका सजदेह बतौर एक स्पोर्ट्स मैनेजर उनके साथ काम करती थी. जो अब रोहित शर्मा की पत्नी हैं, कार्नर स्टोन द्वारा मैनेज किये जाने वाले सबसे बड़े सेलब्रिटी हैं विराट कोहली.

क्वान की प्रतिद्वंदी थी मैट्रिक्स.जो कुछ समय पहले तक, करीना कपूर और सलमान खान का काम देखती थी. अब भी वह कैटरीना, आलिया भट्ट, वरुण धवन और करण जौहर के केम्प के सितारों का काम देखती है. लेकिन उसके हाथ से करीना कपूर और सलमान खान जैसे बड़े एकॉउंटेंट चले गए हैं.

यशराज फिल्म्स अपनी अलग एजेंसी चलाते हैं, शाहरुख के भी काम अलग है, आमिर खान का काम स्पाइस के अमित चौधरी देखते हैं, कुछ एजेंसियां और भी हैं.

एक और एजेंसी है,जिसकी बड़ी सेलेब्रिटी कंगना राणावत के बयान कल चर्चा बटोर रहे थे, वह ब्लिंग एजेंसी से जुड़ी है. जो फोटोग्राफर अतुल कस्बेकर की कंपनी है, विद्या बालन, सोनम कपूर भी इसी कंपनी के साथ है.

दरअसल कंगना और ऋतिक का सारा किस्सा इन दोनों की मैनेजमेंट कंपनियों की प्रतिद्वंदिता का किस्सा भी है. कल जब कंगना नेपोटिज्म के उदाहरण दे रही थीं, उसके मूल में यही बात थी कि आज इंडस्ट्री के सारे बड़े एकॉउंट क्वान के पास है, उनके साथ कोई नहीं है. ऋतिक भी क्वान के ही साथ है और कंगना जिसका बार-बार नाम ले रही थी, गली बॉय वर्सेज छिछोरे वह जोया अख्तर भी क्वान से जुड़ी हैं. क्वान से अनुराग कश्यप की भी पूरी टीम जुड़ी हुई है यानी अभी क्वान इंडस्ट्री को लीड कर रही है.

देश की सबसे बड़ी सेलिब्रिटी मैनेजमेंट कंपनी क्वान एंटरटेनमेंट लगभग सवा सौ से भी अधिक सेलेब्रिटीज़ का काम देखती है, जो टीवी और फिल्म इंडस्ट्री के सितारे हैं. अर्निबान ब्लाह ने मधु मोन्टेना और अन्य पार्टनर्स के साथ KWAN इंटरटेनमेंट की स्थापना की थी, ब्लाह और उनकी टीम ने एक ऐसे समूह में निर्माण किया, जो सालाना कारोबार में $ 500 मिलियन यानी लगभग 3,404 करोड़ से अधिक का बिजनेस करती है.

उसकी टीम न केवल अभिनेता, बल्कि निर्देशक, लेखक और संगीत संगीतकार भी हैं. बल्कि वह ब्रांड मैनेजमेंट से भी जुड़ी है. उसके अन्य वर्टिकल में टीवी और वेब कंटेंट, प्रोडक्ट प्लेसमेंट, लाइव प्रोग्रामिंग, ब्रांड पोजिशनिंग और मार्केटिंग एडवाइजरी, स्पोर्ट्स टीम फ्रैंचाइज़ी मैनेजमेंट और  हाल ही में फैशन रिटेल भी शामिल हैं.

अर्निबान 2018 की शुरुआत तक ऑन टॉप थे, लेकिन उनका पराभव मीटू के कारण हुआ जो 2018 के आखिरी महीनों में सामने आया अर्निबान पर चार महिलाओं ने सेक्सुअल हैरसमेंट का आरोप लगाया था. इसके बाद खबर आयी कि ब्‍लाह ने खुदकुशी करने की कोशिश की. लेकिन पुलिस द्वारा बचा लिए गए.

हालांकि  मीटू मूवमेंट में फंसने के बाद उन्हें क्वान कम्पनी से रफा-दफा कर दिया गया और उन्हें इस्तीफा देकर कंपनी छोड़नी पड़ी. लेकिन इसका क्वान पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ा, वो कम्पनी बढ़ती ही जा रही थी.करीना का काम देख रही मैट्रिक्स की पूनम ने सेलिब्रिटी मैनेजमेंट एजेंसी क्वान (KWAN) ज्वाइन कर ली थी और सलमान खान ने तो क्वान में साल 2018 में हिस्सेदारी तक खरीद ली थी.

लेकिन इन सबसे सुशांत सिंह को बहुत फ़र्क पड़ा, जिनका करियर काय पो छे और शुद्ध देसी रोमांस जैसी फिल्मों से शुरू हुआ था, ये दोनों फिल्में निवेश पर वापसी के आधार पर 2013 की सबसे लाभदायक फिल्मों में से थी.

सुशांत को उस वक्त सारे बैनर साइन कर रहे थे, पहली फिल्म के लिए उन्हें जो 20 लाख रुपये मिले थे, लेकिन बाद में 2.5 करोड़ रुपये तक जम्प मार गए थे, सुशांत को अर्निबान के कारण दो ब्रांडों गार्नियर मेन और पेप्सिको के लिए एम्बेसेडर बनने का मौका मिला. यशराज फिल्म्स ने उन्हें साइन किया व्योमकेश बक्शी जैसी फिल्में उन्हें मिली थी.

उसके बाद उन्हें एम एस धोनी द अन्टोल्ड स्टोरी फिल्म मिली. 2018 तक सब बढ़िया था, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें नयी फिल्में मिलना बन्द हो गयी. शायद वह क्वान की नयी टीम से और यशराज, सलमान खान जैसे बड़े प्रोडक्शन हाउस से सही ट्यूनिंग नहीं बिठा पा रहे थे. इसका खुलासा शेखर कपूर के ट्वीट से भी होता है. जिसमें उन्होंने सुशांत सिंह के इन सेलेब्रिटी मैनेजमेंट कम्पनियों और  बड़े प्रोडक्शन हाउसेस के साथ सही तालमेल न बिठा पाने से उपजे डिप्रेशन का ज़िक्र किया है.

सुशांत की आत्महत्या इन बड़ी-बड़ी सेलेब्रिटी मैनेजमेंट कम्पनियों और बड़े प्रोडक्शन हाउसेस की आपसी प्रतिद्वंदिता की ओर इशारा करती है.

डिस्क्लेमरः ये लेखक के निजी विचार हैं.

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