Education & CareerJamshedpurJharkhand

जमशेदपुर : पटमदा इंटर कॉलेज जाल्ला में अंधविश्वास पर सेमिनार में वक्ताओं ने कहा – भ्रम फैलानेवालों से सवाल पूछें बच्चे

सूर्य ग्रहण के दौरान खाना नहीं खाने की परंपरा है अंधविश्वास : डॉ मुखर्जी, कॉलेज की छात्राओं के लिए नैपकिन वेंडिंग मशीन लगेगी : पूरबी घोष

Patamada : हमारे समाज में आज भी लोग सूर्य ग्रहण के दौरान खाना खाने से मना करते हैं और गर्भवती महिलाओं को घरों से निकलने पर रोक लगाई जाती है, जो अंधविश्वास का ही परिणाम है. यह बातें मंगलवार को पटमदा इंटर कॉलेज जाल्ला में आयोजित एक दिवसीय सेमिनार में बतौर मुख्य वक्ता पुरूलिया सदर अस्पताल के प्रख्यात सर्जन डॉ नयन मुखर्जी ने कहीं. वे कॉलेज के विद्यार्थियों को अंधविश्वास विषय पर संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि जाति,  धर्म व वर्ण व्यवस्था इसी समाज की देन है.  वे ब्राह्मण हैं, लेकिन शरीर में कहीं लिखा हुआ नहीं है. उन्होंने समाज में व्याप्त कुसंस्कार,  ओझा गुणी, ज्योतिषी, ढोंगी बाबाओं के मुद्दे पर विस्तृत जानकारी दी. कहा कि भूत पिशाच को किसी ने भी नहीं देखा है, लेकिन अंधविश्वास के कारण मानते हैं. डॉ मुखर्जी ने कहा कि कोरोना काल में सभी धार्मिक स्थल बंद रहे और लोगों को बचाने के लिए डॉक्टर या चिकित्सा पद्धति ही काम आयी. कोरोना से बचाव के लिए वैज्ञानिकों ने ही टीके का अविष्कार किया. इसलिए सभी बच्चे मन लगाकर पढ़ाई करें और कोई भी अगर अंधविश्वास या अफवाह फैलाते हैं तो उनसे सवाल करिये और उचित तर्क नहीं देने पर विश्वास मत करिये.

भेदभाव की शुरुआत परिवार से होती है

Catalyst IAS
ram janam hospital

समाजसेविका पूरबी घोष ने कहा कि देश को आगे ले जाने के लिए आधी आबादी कही जाने वाली महिलाओं का विकास जरूरी है और वह विकास शिक्षा से ही हो सकती है. लेकिन शिक्षा सिलेबस आधारित होनी चाहिए न कि ग्रंथों पर आधारित शिक्षा. उन्होंने कहा कि शिक्षा की कमी के कारण ही बाबाओं के पास अधिक महिलाएं ही पहुंचती हैं. डायन प्रथा की शिकार भी महिलाएं ही होती हैं. अंधविश्वास को दूर करने की जरूरत है इसके लिए वास्तव शिक्षा जरूरी है. उन्होंने कहा कि नयन बाबू के वक्तव्यों का कुछ अंश भी अगर अपने जीवन में पालन करें, तो बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल होगी. उन्होंने लैंगिक समानता को जरूरी बताते हुए कहा कि अपने परिवार से ही भेदभाव की शुरुआत होती है, समानता के लिए लड़कियों को आगे आने की जरूरत है.

The Royal’s
Pitambara
Pushpanjali
Sanjeevani

कॉलेज की छात्राओं के लिए नैपकिन वेंडिंग मशीन लगेगी

महिलाओं में माहवारी प्राकृतिक नियम है इसलिए पीरियड्स नहीं होने से मातृत्व सुख का लाभ नहीं मिलता है. उन्होंने पीरियड्स के वक्त कपड़े नहीं बल्कि सेनिटरी नैपकिन का व्यवहार जरूरी बताया. क्योंकि कपड़े से संक्रमण होने का खतरा बना रहेगा. उन्होंने घोषणा किया कि पटमदा इंटर कॉलेज की छात्राओं के लिए नैपकिन वेंडिंग मशीन देंगी. कार्यक्रम का संचालन पटमदा इंटर कॉलेज जाल्ला के प्राचार्य डॉ तरूण कुमार महतो जबकि स्वागत भाषण सचिव पीएन मंडल ने दिया. मौके पर मुख्य रूप से ज्ञान विज्ञान समिति के सचिव मदन सरकार, पटमदा डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुमंत कुमार सेन, सचिव चंद्रशेखर टुडू, समाजसेवी सुनील वरण महतो, बुद्धेश्वर महतो, प्रो अरूण कुमार, विश्वनाथ महतो, अमित महतो, दिनेश महतो, बिरिंची महतो, वीरेंद्र महतो के अलावे सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद थे.

इसे भी पढ़ें – जमशेदपुर : जिले में अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर नजर रखने का निर्देश, लिंग परीक्षण संबंधी बोर्ड लगाना अनिवार्य

Related Articles

Back to top button