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जमशेदपुर : जिले में अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर नजर रखने का निर्देश, लिंग परीक्षण संबंधी बोर्ड लगाना अनिवार्य

उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ की समीक्षा बैठक, बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं होगी जांच

Jamshedpur : उपायुक्त विजया जाधव ने जिले में स्थित अल्ट्रासाउंड सेंटरों तथा पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के मूवमेंट पर पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिये हैं. मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के बैठक में उपायुक्त ने पीसीपी एंड डीटी एक्ट और हेल्थ मिशन सोसाइटी की वार्षिक समीक्षा पर चर्चा करते हुए ये निर्देश दिये.

अधिकारियों ने उपायुक्त को बताया कि जिले में फिलहाल 123 अल्ट्रासाउंड सेंटर हैं. सरकार के नये दिशा-निर्देश के अनुसार सेंटर में मौजूद पोर्टेबल मशीन के मूवमेंट पर रोक लगायी गयी है. इसके अलावा जांच के दौरान दो से ज्यादा चिकित्सक अथवा टेक्नीशियन के मौजूद रहने पर भी रोक लगायी गयी है. अल्ट्रासाउंड सेंटरों में कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने एवं लिंग की जानकारी नहीं देने आदि बोर्ड लगाना भी अनिवार्य किया गया है. सिर्फ उन्हीं गर्भवती महिला मरीजों की जांच की जानी है, जिनके पास किसी रजिस्टर्ड डॉक्टर का लिखा हुआ परचा हो. मरीज की रिपोर्ट में सेंटर और जांच की पूरी जानकारी होनी चाहिए, लेकिन उसमें लिंग की जानकारी अंकित नहीं करनी है. सेंटर चलाने की अनुमति उन्हीं को दी जायेग, जिनके पास क्लीनिकल रेगुलेशन एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन हो. सभी सेंटर प्रबंधन को महीने के प्रत्येक दो से चार तारीख तक फॉर्म-एफ भरकर ऑनलाइन माध्यम से विभाग को भेजना है. उपायुक्त ने इन सभी नियमों का पालन कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया.
गर्मवती महिलाओं में मृत्यु दर चिंतनीय : डीसी
वहीं हेल्थ मिशन सोसाइटी की मासिक समीक्षात्मक बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जिले में एक लाख गर्भवती महिलाओं में 212 की मौत का आंकड़ा सामने आया है, जो चिंताजनक है. इस पर रोक लगाने के लिए कई कार्य किये जाने हैं. उपायुक्त ने ओएमएससीएस को निर्देश दिया कि वे आंगनबाड़ी सेविकाओं के साथ प्रत्येक माह कार्यशाला आयोजित कर मौतों की संख्या को कम करने के लिए कार्य करें. उन्होंने यह भी कहा कि प्रसव के दौरान कुछ महिलाएं बेहतर इलाज या फिर अपने परिजनों के पास दूसरे जिलों में चली जाती हैं. उनकी सही जानकारी जिला स्वास्थ्य विभाग के पास होनी चाहिए. इसे सुनिश्चित करने की आवश्यकता है. इसके अलावा जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेंटरों तथा उनमें नियुक्त एएनएम की भी समीक्षा की गयी. उपायुक्त ने घाटशिला में बीएमसी और सीएमसी भवन परिसर में जमीन आवंटन के लिए प्रपोजल मांगा. पोटका और डुमरिया में जमीन मिल गयी है, जिसपर बिल्डिंग कारपोरेशन की ओर से भवन निर्माण कराया जाना है. इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जायेगी. इस बैठक में जिला स्वास्थ्य विभाग तथा सभी प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारी मौजूद थे.

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Sanjeevani

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