
Jamshedpur : नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) जमशेदपुर की 50वीं बैठक सोमवार को राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) के व्याख्यान-कक्ष में हुई. इसमें शहर के सरकारी कार्यालयों के 60 अधिकारियों ने भाग लिया. बैठक में जमशेदपुर, चाईबासा एवं सरायकेला-खरसावां में स्थित भारत सरकार के सभी कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्वायतशासी निकायों एवं सभी बैंकों के शीर्ष अधिकारियों ने राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए मंथन किया.
जो भाषा जितनी लचीली होगी, वही लंबे समय तक बनी रहेगी
राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला जमशेदपुर के निदेशक सह नराकास के अध्यक्ष डॉ इंद्रनील चट्टोराज ने कहा कि नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति जमशेदपुर सभी के सहयोग से अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है. गृह मंत्रालय भारत सरकार की राजभाषा नीति का पालन करना ही हमारा उद्देश्य है. राजभाषा हिंदी तथा अन्य सभी मातृभाषाओं के संवर्धन, विकास तथा प्रचार-प्रसार के लिए भारत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत अनेक दायित्व हम सभी कार्यालयों को दिये हैं. खुशी की बात है कि हिंदी में विश्व की अन्य भाषाओं के शब्द ग्रहण किये जा रहे हैं. जो भाषा जितनी लचीली होगी, वही लंबे समय तक बनी रहेगी.
नराकास जमशेदपुर के सदस्य सचिव डॉ पुरुषोत्तम कुमार ने वार्षिक कार्यक्रम 2022-23 पर चर्चा करते हुए बैठक में उपस्थित सभी कार्यालय प्रमुख एवं उनके प्रतिनिधियों से कहा कि भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग द्वारा वर्ष 2022-23 के लिए निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में सार्थक प्रयास करने का आग्रह किया. बैठक में प्रधान आयकर आयुक्त शिशिर धमीजा, जीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्त एम रहमान, 106 बटालियन रैफ के कमांडेंट डॉ निशीत कुमार, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त राकेश कुमार सिन्हा, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ उप महाप्रबंधक राजेश कुमार सैनी, 37 बटालियन एनसीसी के प्रमुख कर्नल संजय शांडिल्य, भारतीय स्टेट बैंक, क्षेत्रीय व्यवसाय कार्यालय के क्षेत्रीय प्रबंधक संजय कुमार झा आदि मौजूद थे.
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