
Jamshedpur: कोऑपरेटिव लॉ कॉलेज में सत्र 2020-21 में दाखिले के लिए जब पहली मेरीट लिस्ट जारी की गयी तो छात्र-छात्राएं चकित रह गये.
उन्होंने पाया कि प्रवेश परीक्षा में 6 मार्क्स लाने वाले का नाम तो लिस्ट में शामिल किया गया लेकिन 50 या अधिक मार्क्स लाने वाले का नाम लिस्ट में नहीं था.
लिस्ट पर आपत्ति और आक्रोश जाहिर करते हुए छात्रों ने कॉलेज मैनेजमेंट को लिखित शिकायत सौंपी है जिसमें सूची को रद्द करते हुए कट-ऑफ-मार्क्स के आधार पर नयी लिस्ट जारी करने की मांग की है.
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छात्रों की क्या है दलील

प्रवेश परीक्षा में 56 अंक लाने वाली पुष्पा मिश्रा का कहना है कि वह आरक्षण के खिलाफ नहीं है लेकिन कट-ऑफ-मार्क्स के आधार पर ही हर जगह एडमिशन होता है.
वह पहली बार ऐसा देख रही है कि जहां डेट-ऑफ-बर्थ के आधार पर मेरिट लिस्ट निकाली गयी है और मात्र 6 नंबर लाने वाले का नाम मेरिट लिस्ट में सिर्फ इसलिए डाला गया है कि वह डेट-ऑफ-बर्थ के लिहाज से बड़ा है.
पुष्पा ने सवाल उठाया है कि क्या 6 मार्क्स लाने वाला एडमिशन लेने के बाद सेमेस्टर एग्जाम पास कर सकेगा, ये कॉलेज को सोचना चाहिए. इससे कॉलेज की छवि पर ही असर पड़ेगा.
पुष्पा का कहना है कि उम्र के आधार पर दाखिला लेना उन छात्रों के साथ अन्याय है जिन्होने मेंहनत कर प्रवेश परीक्षा में अच्छे मार्क्स लाये हैं और एडमिशन के हकदार हैं.
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कोल्हान विश्वविद्यालय के मापदंड की अनदेखी
छात्रों ने को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज पर कोल्हान विश्वविद्यालय के मापदंडों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि ये लिस्ट कॉलेज ने अपनी मर्जी से जारी कर दिया है.
मापदंड के हिसाब से अगर दो छात्रों का नंबर एक है तो उस स्थिति में जिसकी उम्र डेट-ऑफ-बर्थ के लिहाज से ज्यादा है उसको दाखिला दिया जाता है. उसमें भी दोनों का नंबर कट-ऑफ-मार्क्स से ज्यादा होना जरूरी है.
लेकिन यहां तो कोई पासिंग मार्क्स रखा ही नहीं गया जो सीधे-सीधे विश्वविद्यालय की गाइडलाइन की अवहेलना है.
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