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रांची में शहरी कार्य मंत्रालय से चल रही 2779 करोड़ की परियोजनाएं

Ranchi : आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा रांची लोकसभा क्षेत्र में 2779 करोड़ रुपए की परियोजनाएं संचालित हो रही हैं. इनमें कई और परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं और कई पर कार्य चल रहे हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना, स्मार्ट सिटी मिशन, अटल नवीकरण शहरी परिवर्तन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, एनयूएलएम जैसी योजनाओं के माध्यम से बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है. शहरी क्षेत्र में जीवन की गुणवत्ता में व्यापक सुधार हुआ है. इस जानकारी को लेकर केंद्रीय शहरी कार्य और आवास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सांसद संजय सेठ को एक पत्र लिखा है.

इसमें केंद्रीय मंत्री ने रांची लोकसभा क्षेत्र में चल रही योजनाओं का ब्यौरा उपलब्ध कराया है.

रांची शहरी क्षेत्र में 32433 शहरी आवास स्वीकृत किये गये हैं जिसमें 16479 आवास पूर्ण हो चुके हैं. इस कार्य के लिए भारत सरकार के द्वारा 526 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है और 376 करोड़ रुपये जारी भी कर दिये गये हैं. वहीं स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर केंद्रीय मंत्री ने बताया है कि यह प्रोजेक्ट 1980 करोड़ रुपये का है, जिसमें 24 प्रकार के कार्य होने हैं. 18 प्रकार के कार्य पूर्ण हो चुके हैं जबकि 699 करोड़ रुपए की लागत से 6 परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है. वहीं अमृत योजना के तहत रांची में 271 करोड़ रुपए की लागत से आठ परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिसमें 54 करोड़ रुपए लागत की छह परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं. वहीं 221 करोड़ रुपए की लागत से भी परियोजनाएं पूर्ण हुई हैं. अमृत योजना II के तहत 2.31 करोड़ रुपए की लागत की तीन परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है. पीएम स्वनिधि योजना के तहत 6690 लोगों को लाभ दिया गया है. यह राशि 9.75 करोड़ रुपए की है. वही एनयुएलएम के तहत शहरी क्षेत्र की झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों को रोजगार के लिए कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाना है. इसके तहत रांची में 3305 और कपाली में 94 स्वयं सहायता समूह तैयार किये गये हैं जिसमें रांची में 2100 स्वयं सहायता समूह को राशि उपलब्ध कराई गई है जबकि कपाली में 84 स्वयं सहायता समूह को राशि उपलब्ध कराई गई है. इसके अलावे रांची शहर में 14128 लोगों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया है, जिसमें 5224 लोगों का नियोजन विभिन्न संस्थाओं में किया गया है. कपाली में 786 लोगों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया है, जिसमें 264 लोगों को विभिन्न संस्थाओं में नियोजित कर लिया गया है. स्ट्रीट वेंडर्स को भी चिन्हित किए जाने की योजना शहरी विकास मंत्रालय के द्वारा चलाई जा रही है. इसके तहत रांची में 10172 वेंडर्स को चिन्हित किया गया है, जिसमें 5880 लोगों को प्रमाण पत्र दिया गया है जबकि कपाली में 377 वेंडर्स को चिन्हित किया गया है और 342 वेंडर को प्रमाण पत्र जारी किया गया है.

केंद्रीय मंत्री ने सांसद को बताया है कि इन सभी योजनाओं के माध्यम से 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की ओर अग्रसर करने की योजना है. यह सभी योजनाएं देश की युगांतरकारी यात्रा के एक अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच चुके हैं. विगत 9 वर्षों में हमने शहरी क्षेत्र के विकास के लिए इतने कार्य किए हैं, भविष्य में और भी बेहतर कार्य करने की योजना है. सांसद संजय सेठ ने इन योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री के प्रति आभार जताया है. उन्होंने कहा है कि भारत सरकार हर क्षेत्र में झारखंड को बिना किसी भेदभाव के साथ दोनों हाथ खोलकर पैसे दे रही है. ताकि झारखंड भी देश की गति के साथ कदम मिला कर आगे बढ़ सकें. राज्य सरकार को चाहिए कि योजनाओं को गंभीरता पूर्वक धरातल पर उतारने का काम करे. ईमानदारी से जनता के हित में काम करे. अच्छी-अच्छी परियोजनाएं बनाये. भारत सरकार सदैव झारखंड के विकास के लिए राज्य की जनता के साथ खड़ी है.

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