न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

NSC की बैठक में इमरान ने बैन किया हाफिद सईद का संगठन

इमरान खान ने भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच एनएससी बैठक की अध्यक्षता की

54

Islamabad : प्रधानमंत्री इमरान खान ने पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के मध्य तनाव के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) की एक महत्वपूर्ण बैठक की बृहस्पतिवार को अध्यक्षता की जिसमें देश की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की गयी.  इस हमले में सीआरपीएफ के 40 सैनिक शहीद हो गये थे. जियो टीवी ने सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया कि एनएससी की बैठक से पहले प्रधानमंत्री खान और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने बैठक की जिसमें उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर विचार-विमर्श किया. सूत्रों के हवाले से चैनल ने बताया कि इसके बाद एनएससी बैठक के दौरान पुलवामा हमले और इसके बाद उपजी स्थिति पर चर्चा की गई.

पहले से ही इन दोनों संगठनों पर निगरानी रखी जा रही थी

इस दौरान पाकिस्तान ने 2008 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिद सइद के संगठन जमात-उद-दावा और उसके चैरिटी विंग फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन को बैन करने का आदेश दे दिया. गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि NSC की बैठक के दौरान इन संगठनों को प्रतिबंधित करने का फैसला किया गया. प्रवक्ता ने कहा कि पहले से ही इन दोनों संगठनों पर निगरानी रखी जा रही थी. उधर, पाकिस्तान की टॉप सिक्यॉरिटी बॉडी ने कहा कि पुलवामा हमले में उनका देश किसी भी तरह से शामिल नहीं था. आगे कहा गया कि हमले की कल्पना, साजिश और क्रियान्वयन स्वदेशी था यानी भारत की धरती पर हुआ. इस दौरान पीएम इमरान खान ने अपनी सेना से यह भी कहा कि अगर भारत ने कोई आक्रामक कार्रवाई की तो उसका पूरी दृढ़ता से जवाब दिया जाए.

सेना प्रमुख, सेवाओं के प्रमुख, खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों लिया भाग 

इस बैठक में सेना प्रमुख जनरल बाजवा, सेवाओं के प्रमुख, खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों, सुरक्षा अधिकारियों और वित्त, रक्षा, विदेश मामलों तथा गृह विभाग के लिए संघीय तथा राज्य मंत्रियों ने भाग लिया. जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में गत 14 फरवरी को पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदे एक वाहन को सीआरपीएफ की एक बस से टकरा दिया था जिससे 40 जवान शहीद हो गये थे.विदेश कार्यालय के अधिकारियों ने एनएससी परिषद को अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत में कुलभूषण जाधव के मामले की सुनवाई के बारे में बताया.

इसे भी पढ़ें- SC के फैसले से राज्य के 28 हजार आदिवासी परिवारों पर बेघर होने का खतरा

इसे भी पढ़ें- बोकारो थर्मल : शहीद की पत्नी ने कहा, सिर्फ घोषणा करती है सरकार, न नौकरी मिली, न आवास

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: