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ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यूएस ड्रोन को मार गिराया, अमेरिका ने स्वीकार किया

Tehran :   ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने गुरुवार को एक यूएस ड्रोन को मार गिराया है. अमेरिका ने स्वीकार किया है कि ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने ड्रोन को मार गिराया गया है.  हालांकि अमरीकी सेना ने कहा है कि उसका ड्रोन अंतरराष्ट्रीय जल के उपर था.  वहीं. ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का आरोप है कि अमरीकी ड्रोन ने ईरान की सीमा का उल्लंघन किया था. इस घटना से ईरान और अमेरिका के बीच जंग के आसार बढ़ गया है.

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ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खुमैनी ने बताया कि गुरुवार की सुबह एक अमरीकी ड्रोन को दक्षिणी ईरान के होर्मगान प्रांत में कोहंबोराक जिले के पास मार गिराया गया है. यह ड्रोन ईरान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था. कोहंबोराक तेहरान से लगभग 1,200 किलोमीटर (750 मील) दक्षिण-पूर्व में है और स्टॉर्म ऑफ होर्मुज के करीब है. ईरान की  रिवोल्यूशनरी गार्ड्स समाचार एजेंसी ने अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड का हवाला देते हुए ड्रोन की पहचान RQ-4 ग्लोबल हॉक के रूप में की.

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यह एक समुद्री गश्ती और टोही विमान था

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने ड्रोन की पहचान RQ-4 ग्लोबल हॉक के रूप में की थी, लेकिन अमेरीकी सैन्य अधिकारी ने रॉयटर समाचार एजेंसी को बताया कि ड्रोन एक US नेवी MQ-4C ट्राइटन था.  यह एक समुद्री गश्ती और टोही विमान है जो कि RQ-4B ग्लोबल हॉक पर आधारित है. रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर-इन-चीफ मेजर-जनरल होसैन सलामी ने कहा कि ड्रोन के मार गिराने से अमरीका को स्पष्ट संदेश गया है कि ईरान की सीमाएं पार न करें. बता दें कि  इससे पहले अमरीकी सेना ने   इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इस घटना से इनकार किया था.

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अमेरिका ने 1000 अतिरिक्त सैनिकों को तैनात किया

पिछले  सप्ताह ओमान की खाड़ी में दो तेल टैंकरों पर हमले को लेकर अमेरीकी सेना ने एक वीडियो जारी करते हुए ईरान पर आरोप लगाया था.  जवाब में  ईरान ने अमेरीकी सेना पर आरोप लगाया कि वह ईरान और उसके जल क्षेत्र की जासूसी कर रहा है. ईरान ने यह भी धमकी दी थी कि अगर अमेरीकी ड्रोन इस इलाके में दिखाई दिये  तो वह उन्हें मार गिरायेगा.  बीते सोमवार को अमेरीकी रक्षा विभाग ने कहा कि वह ईरानी बलों द्वारा शत्रुतापूर्ण व्यवहार के जवाब में इस क्षेत्र में 1,000 अतिरिक्त सैनिकों को तैनात कर रहा है.

अमेरिका ने आरोप लगाया था कि ईरान ने ओमान की खाड़ी में तेल टैंकरों पर हमला किया है. हालांकि तेहरान ने इस हमले से साफ इनकार किया था. अब इन सबके बीच ईरानी सेना रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की ओर से अमरीकी ड्रोन RQ-4 ग्लोबल हॉक मार गिराने की घटना को अंजाम दिया गया है.

एक साल पहले ईरान के साथ परमाणु समझौते से अमेरिका ने खुद को अलग कर लिया था, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है.  कुछ समय पहले सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों पर हुए हमले को लेकर अमरीका ने यमन में ईरान समर्थित हौती विद्रोहियों को जिम्मेदार बताया था. सऊदी ने बदला लेने के लिए हौती विद्रोहियों को निशाना बनाते हुए यमन पर मिसाइल हमला किया.

इसके बाद से गल्फ में तनाव की स्थिति बन गयी है.  सऊदी अरब ने भी तेल प्रतिष्ठानों पर हमले के लिए ईरान को दोषी माना है. ईरान और अमरीका के बीच बढ़ते संघर्ष से तेहरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन के 40 साल बाद एक बार फिर से एक नये संघर्ष की आशंका बढ़ गयी है.

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