
Ranchi: राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) द्वारा आउटसोर्सिंग के जरिये बहाल किये गये अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ठगी की जा रही है. हर उम्मीदवार से जीएसटी के नाम पर सैलेरी के 18 फीसदी काट ली जा रही है. जो कि सरासर गलत है. यह ठगी और कोई नहीं बल्कि IPRD के लिए काम करने वाली कंपनी Dreamline Technology Pvt. Ltd कर रही है.
कंपनी ने नियुक्ति के वक्त अपने साइट पर जिस शर्त के साथ विज्ञापन निकाला था, वो उसे पूरा नहीं कर रही है. कंपनी के अधिकारियों से पूछने पर वो डंके की चोट पर पूछते हैं कि हां सैलेरी से जीएसटी काटी जा रही है. लेकिन क्यों काटी जा रही है, इसपर कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि यह बात IPRD से पूछा जाए. वो नहीं जानते कि जीएसटी क्यों काटी जा रही है.
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विज्ञापन में सैलेरी 35000 और मिलता है 29096
Dreamline Technology Pvt. Ltd कंपनी ने APRO पद के लिए जब अपने साइट पर विज्ञापन निकाला था तो सैलेरी करीब 35000 रुपए बतायी गयी थी. लेकिन जब लोगों ने पद पर ज्वाइन किया तो ऑफर लेटर में सैलेरी 29096 सीटीसी बतायी गयी. कंपनी की तरफ से कहा जाता है कि कंपनी कर्मियों से सर्विस के एवज में करीब 18% जीएसटी काटेगी.
इसी वजह से सैलेरी सीटीसी 29096 हो जाता है. जबकि ऐसा करना जीएसटी के नियम के मुताबिक गलत है. Dreamline Technology Pvt. Ltd शायद भारत की पहली कंपनी होगी, जो अपनी कर्मियों से काम देने के एवज में जीएसटी काटती है. वरना दूसरी किसी कंपनी में सैलेरी से जीएसटी के नाम पर कुछ नहीं काटा जाता.
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कर्मियों के विरोध का फायदा नहीं, अधिकारी ने कहा हां काटते हैं जीएसटी
ऐसा नहीं है कि सैलेरी से जीएसटी कटने का विरोध कर्मी नहीं करते हैं. कंपनी के साथ होने वाली बैठक में कर्मी इस बात का विरोध जता चुके हैं. लेकिन कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि विरोध का कोई फायदा नहीं है, हर हाल में जीएसटी कटेगी ही.
मामले पर न्यूज विंग ने Dreamline Technology Pvt. Ltd कंपनी के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की. कंपनी के एचआर को फोन लगाया गया. उन्होंने इस बारे जानकारी के लिए किसी सीनियर अधिकारी भुवन कुमार से बात करायी. भुवन ने कहा कि हां कंपनी कर्मियों से जीएसटी काटती है. जीएसटी कटने का कारण भुवन से पूछा गया तो, उन्होंने कहा वो जाकर IPRD से यह सवाल करें तो अच्छा होगा.
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