
Dubai : IPL की जिस तरह से रोमांचक शुरूआत हुई थी वह अब रफ्तार पकड़ रही है. ऐसे ही एक शानदार मैच में शुक्रवार को दिल्ली कैपिटल्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को हरा दिया. धौनी की टीम को लगातार दूसरे ही मैच में हार का सामना करना पड़ा है. इस हार के बाद अब चेन्नई सुपर किंग्स के कोच और कप्तान को एक बार फिर से अपनी रणनीति पर विचार करना होगा. जल्द ही उन्हें अपनी गलतियों को सुधारना होगा नहीं तो वे टूर्नामेंट में काफी पीछे रह जायेंगे.
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ओपनर्स को लेनी होगी जिम्मेदारी
दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर 3 विकेट पर 175 का स्कोर बनाया था. इसमें पृथ्वी शॉ और शिखर धवन ने धीमी पर सधी हुई शुरूआत की थी. धौनी ने मैच के बाद कहा कि उनकी टीम की शुरूआत अच्छी नहीं रही थी. टीम को पारी की शुरूआत में और बेहतर करना होगा. चेन्नई के ओपनर शेन वॉटसन और मुरली विजय की जोड़ी ने 4.2 ओवरों में सिर्फ 23 रन जोड़े. दोनों को विकेट को समझने में समय लगा. वे गेंद की रफ्तार के साथ तालमेल नहीं बैठा पाए. इन्हें गेंद को टाइम करने और शॉट लगाने में परेशानी हो रही थी. इसके अलावा समीक्षकों का यह भी कहना है कि धौनी को बल्लेबाजी क्रम में उपर आना चाहिए.
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प्रभाव डालने में असफल रहे चेन्नई के स्पिनर्स
हार का एक और बड़ा कारण स्पिन गेंदबाजी में अंतर रही. चेन्नई के स्पिनर्स प्रभाव डालने में असफल रहे. इसके विपरीत दिल्ली के दोनों स्पिनर्स अमित मिश्रा और अक्षर पटेल ने अपनी लाइन लेंथ से बल्लेबाजों को खूब परेशान किया. पटेल ने चार ओवरों में 18 और मिश्रा ने 23 रन दिए. मैच में लगा, जैसे दिल्ली कैपिटल्स की रणनीति ज्यादा असरदार रही थी. चेन्नई की टीम को आखिर के पांच ओवर में लगभग 80 रन चाहिए थे. ऐसे में दिल्ली के कप्तान ने अपने सबसे बेहतर गेंदबाज कगिसो रबाडा को बचाकर रखा था. रबाडा भी कप्तान की उम्मीद पर खरे उतरे. उन्होंने तेज और शानदार लाइन लेंथ से धौनी को बहुत ज्यादा रन नहीं बनाने दिए. ऐसे में चेन्नई पर काफी दबाव आ गया और टीम बिखर गयी. धौनी अनुभवी कप्तान है और उन्होंने भी इन बातों पर गौर किया होगा. फिलहाल आइपीएल का शुरूआती चरण ही है. ऐसे मै चेन्नई इन गलतियों को दोहराना नहीं चाहेगी.
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