
- सीएम हेमंत सोरेन ने दोषी कर्मियों पर दिया कानूनी कार्रवाई का निर्देश
- रांची शाखा में 9 करोड़ 98 लाख 21 हजार 155 करोड़ और सरायकेला शाखा में 5 करोड़ 22 लाख 27 रुपये गबन का है मामला
- विभागीय विशेष अंकेक्षण रिपोर्ट और विभागीय स्तर पर गठित जांच समिति रिपोर्ट में भी गबन की हुई थी पुष्टि
Ranchi : झारखंड राज्य सहकारी बैंक की रांची और सरायकेला शाखा में हुई वित्तीय अनियमितता मामले की जांच अब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) करेगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इसके लिए हरी झंडी मिल गयी है. सीएम सोरेन ने मामले में संलिप्त दोषी कर्मियों पर कानूनी कार्रवाई करने का भी आदेश दिया है.
दोनों शाखाओं में कुल 15 करोड़ 20 लाख 21 हजार 182 रुपये (15.20 करोड़ रुपये) का गबन हुआ है. रांची शाखा में कुल 9, 98, 21,155 करोड़ रुपये गबन का मामला है. वहीं सरायकेला शाखा में कुल 5 करोड़ 22 लाख 27 रुपये वित्तीय गबन की पुष्टि हुई है.
विभाग द्वारा करायी गयी जांच
बता दें कि बैंक के रांची और सरायकेला शाखा में हुए गबन का मामला सामने आने के बाद कृषि, पशुपालन और सहकारिता विभाग ने भी जांच करायी थी. इसके लिए तत्कालीन निबंधक, सहयोग समितियां और विभागीय सचिव की अध्यक्षता में संयुक्त जांच दल का गठन किया गया था.
जांच दल ने मामले में दोषी पदाधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था. मामले में चाईबासा के तत्कालीन जिला सहकारिता पदाधिकारी रहे लाल मनोज नाथ शाहदेव, झारखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के तत्कालीन महाप्रबंधक रहे जयदेव प्रसाद सिंह, देवघर-जामताड़ा सहकारी बैंक के तत्कालीन प्रबंध निदेशक रहे राम कुमार प्रसाद पर आरोप लगा था. जांच दल की रिपोर्ट के बाद इन सभी को निलंबित कर दिया गया था.
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दोनों शाखाओं में बरती गयी थीं कई अनियमितताएं
रांची और सरायकेला शाखा में हुए गबन के संदर्भ में विभागीय विशेष अंकेक्षण रिपोर्ट और विभागीय स्तर पर गठित जांच समिति ने एक रिपोर्ट सौंपी थी. रिपोर्ट में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आयी थीं.
बैंक की रांची शाखा में हुई गड़बड़ियां
- अनियमित तरीके से ऋण दिया जाना.
- जादुगोड़ा के तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक-सह-शाखा प्रबंधक उमेश चंद्र सिंह को अनियमित रूप से सेवा विस्तार.
- रांची के शहीद चौक स्थित बैंक भवन के नवीकरण कार्य में अनियमितता.
- चेक मुद्रण के व्यय में अनियमितता.
- कंप्यूटर सहायक की नियुक्ति में अनियमितता.
- गुमला-सिमडेगा केंद्रीय सहकारी बैंक के कर्मियों को नियम विरुद्ध तरीके से सेवा नियमितीकरण किये जाने का आरोप.
बैंक की सरायकेला शाखा में हुई गड़बड़ियां
- फर्जी प्रविष्टि करते हुए ऋण राशि का समायोजन कर गबन.
- फर्जी बैंक ड्राफ्ट बना कर राशि का गबन.
- बिना बजट के नकद व्यय कर गबन.
- अनियमित और असुरक्षित चेक परचेज करना.
- अनियमित रूप से संजय कुमार डालमिया को कैश क्रेडिट लोन दिये जाने और बिना सिक्योरिटी के अनियमित रूप से अग्रिम दिये जाने का आरोप है.
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