
New Delhi: भारतीय नौसेना का पहला विध्वंसक पोत आईएनएस राजपूत को 41 साल की सेवा के बाद शुक्रवार को नौसेना की सेवा से हटाया जाएगा. काशिन श्रेणी के पोत का निर्माण यूएसएसआर ने किया था और इसे 4 मई, 1980 को नौसेना में शामिल किया गया था.
इस पोत ने पिछले चार दशकों में कई प्रमुख मिशनों में भाग लिया. इनमें भारतीय शांतिरक्षक बलों की सहायता के लिए श्रीलंका में चलाया गया ऑपरेशन अमन और मालदीव में बंधकों की समस्या के समाधान के लिए चलाया गया ऑपरेशन कैक्टस शामिल हैं.
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यह भारतीय नौसेना का पहला पोत है जिसे थल सेना की किसी रेजीमेंट-राजपूत रेजीमेंट से संबद्ध किया गया था.
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने कहा, ‘‘आईएनएस राजपूत को अब नेवल डॉकयार्ड, विशाखापत्तनम में एक समारोह में नौसेना की सेवा से हटाया जाएगा.’’
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