
Asian Games: चीन के होंगज़ो शहर में हो रहे एशियन गेम्स में भारत पदकों के मामले में ऐतिहासिक सेंचुरी को पार करने के क़रीब पहुंच गया है. शुक्रवार को पुरुष हॉकी टीम के गोल्ड मेडल जीतने के साथ ही भारत के पदकों की संख्या 95 पहुंच गई है. इसके साथ ही भारत एशियन गेम्स की पदकों की सूची में चौथे नंबर पर है. पहले नंबर चीन (333), दूसरे पर जापान (158) और तीसरे पर दक्षिण कोरिया (157) है.

इसके अलावा भारत छह और प्रतियोगिताओं में पदक पक्का कर चुका है. इनमें हैं – कबड्डी (2), आर्चरी (3), हॉकी (1), बैडमिंटन (1) और क्रिकेट (1). इस तरह भारत आज शनिवार को 100 पदकों की टैली तक पहुंच जाएगा.

जकार्ता एशियन गेम्स में जीते थे 70 पदक
ये एशियन गेम्स में भारत के लिए ऐतिहासिक पल होगा क्योंकि इससे पहले वो 70 पदकों से आगे नहीं बढ़ पाया था. भारत ने 2018 में इंडोनेशिया के जकार्ता में हुए पिछले एशियन गेम्स में 70 पदक जीते थे, जिनमें 16 गोल्ड, 23 सिल्वर और 31 ब्रांज पदक थे.
होंगज़ो में भारत का प्रदर्शन
होंगज़ो में भारतीय एथलीट्स (29) और भारतीय शूटर (22) 51 पदक जोड़ चुके हैं. भारतीय खिलाड़ियों ने कई आश्चर्यजनक पदक भारत को दिलाए हैं जिनमें सबसे बड़ी जीत टेबल टेनिस टीम में मिली जब सुतीर्थ मुखर्जी और आहिका मुखर्जी ने भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया.

5000 मीटर की महिला रेस के आखिरी 30 मीटर के दौरान पारुल चौधरी के हैरतअंगेज़ प्रदर्शन को लंबे समय तक याद रखा जाएगा. मेरठ की पारुल चौधरी ने जापान की रिरिका हिरोनाका के साथ करीबी लड़ाई में गोल्ड मेडल हासिल किया.

जावेलिन खिलाड़ी किशोर कुमार जेना के 86.77 मीटर के शानदार थ्रो ने कुछ देर के लिए उन्हें नीरज चोपड़ा के ऊपर बढ़त दिला दी थी. ये प्रतियोगिता भी भूलने वाली नहीं है. हालांकि, बाद में नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल जीता और जेना दूसरे नंबर रहे और सिल्वर मेडल हासिल किया.




