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भारतीय महिला हॉकी का टूटा गोल्ड का सपना, जापान से 1-2 से मिली शिकस्त

स्वर्ण के साथ-साथ ओलंपिक का टिकट भी हाथ से छूटा

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Jakarta: भारतीय महिला हॉकी टीम, एशियाई खेलों में 36 साल पुराने मिथक को तोड़ने में असफल रही और शुक्रवार को हुए फाइनल मुकाबले में जापान से 1-2 से हारकर इंडियन विमेन हॉकी टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा.

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गोल्ड व ओलंपिक टिकट गंवाया

मिनामी शिमिजु और मोटोमोरी कावामुरा ने पेनल्टी कार्नर से क्रमश: 11वें और 44वें मिनट में गोल किये जबकि नेहा गोयल ने भारत के लिये 25वें मिनट में मैदानी गोल किया. भारतीय टीम 1982 के बाद एशियाई खेलों में पहला स्वर्ण पदक हासिल करना चाहती थी. इस हार के साथ ही स्वर्ण पदक के साथ-साथ सीधे 2020 तोक्यो ओलंपिक में प्रवेश का मौका भी हाथ से छूट गया.

भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में चीन को हराकर 20 साल के अंतराल बाद फाइनल के लिये क्वालीफाई किया था. ओलंपिक से पहले जापान की हॉकी टीम सही दिशा में आगे बढ़ रही है. और महिला टीम ने एशियाई खेलों में पहला खिताब जीता, जबकि वह तीन बार उप विजेता रह चुकी है.

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भारतीय हॉकी के लिये यह काफी निराशाजनक रहा, क्योंकि गुरुवार को पुरूष हॉकी टीम अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने में असफल रही और सेमीफाइनल में मलेशिया से हार गयी. मैच में भारतीय टीम खिताब जीतने की प्रबल दावेदार थी. क्योंकि वह विश्व रैकिंग में नौंवे स्थान पर काबिज जापान से पांच स्थान ऊपर थी.

11 वें मिनट पर जापान की ओर से पहला गोल

पहले क्वार्टर में भारत ने विपक्षी सर्कल में काफी सेंध लगायी. लेकिन खिलाड़ियों में फिनिशिंग टच की कमी दिखी. उन्हें चौथे मिनट में अच्छा मौका मिला जब नवनीत कौर कप्तान रानी रामपाल के पास का फायदा नहीं उठा सकीं. जापान को आठवें मिनट में मौका मिला लेकिन भारतीय गोलकीपर सविता ने अच्छा बचाव किया.

नवनीत ने भारत को 10वें मिनट में पहला पेनल्टी कार्नर दिलाया लेकिन ड्रैगफ्लिकर गुरजीत कौर जापानी गोलकीपर को नहीं पछाड़ सकी. जापान को पहला पेनल्टी कार्नर 11वें मिनट में मिला जिस पर शिमिजु ने गोल में तब्दील किया.

एक गोल से पिछड़ने के बाद भारतीय टीम ने आक्रमण जारी रखा लेकिन उसमें पैनेपन की कमी दिखी. भारत ने दूसरे क्वार्टर में बराबरी गोल दागने का भरसक प्रयास किया. एक समय टीम गोल करने के करीब भी पहुंची जब सुनीता लाकड़ा ने उदिता को शानदार पास दिया लेकिन यह विफल हो गया. भारत ने 25वें मिनट में बराबरी हासिल की जब नवनीत कौर के रिवर्स हिट पर नेहा ने डिफ्लेक्शन से शानदार गोल किया.

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दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने बेहतर खेल दिखाया और जापानी खिलाड़ियों से ज्यदा गेंद पर दबदबा बनाया. छत्तीसवें मिनट में वंदना कटारिया और नवजौत कौर ने लगभग भारत को बढ़त दिला ही दी थी. लेकिन उदिता के शॉट का जापानी गोलकीपर ने अच्छा बचाव किया.

कुछ सेंकेंड बाद भारत ने एक और मौका गंवाया जब वंदना का प्रयास गोलकीपर द्वारा रोक दिया गया. जापान ने तीसरे क्वार्टर में मौका बनाया जब उन्हें 44वें मिनट में पेनल्टी कार्नर मिला और मोटोमी ने शानदार गोल से अपनी टीम को बढ़त दिला दी. जापान के इस गोल के बाद भारतीय दर्शक हैरान रह गये.

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