न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

भारत को अगले पांच वर्ष में अपनी सुधार प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिएः अरविंद पनगढ़िया

1,299

New York: प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री अरविंद पनगढ़िया ने जोर देकर कहा है कि भारत में सुधार की प्रक्रिया आने वाले पांच वर्ष में निश्चित रूप से पूरी हो जानी चाहिए.

उन्होंने साथ ही कहा कि भारत को श्रम आधारित क्षेत्र की वृद्धि पर अधिक ध्यान देना चाहिए ताकि बड़ी संख्या में लोगों की अच्छी नौकरियां मिल सके.

इसे भी पढ़ेंः दफनाने के दस दिन बाद कब्र से निकाला गया शव, होगा पोस्टमार्टम, पत्नी ने जताई थी हत्या की आशंका

उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के बारे में भी ‘गंभीरता से सोचने’ की वकालत की है.

जनवरी, 2015 से अगस्त, 2017 तक नीति आयोग के उपाध्यक्ष के पद पर रह चुके पनगढ़िया ने भारत में हो रहे आम चुनावों के बाद सरकार के लिए आवश्यक प्राथमिकताओं के बारे में पूछे जाने पर यह बात कही.

hotlips top

इसे भी पढ़ेंः बासमती चावल निर्यातक जीआरएम उतरेगी घरेलू बाजार में, करेगी 50 करोड़ रुपये का निवेश

कोलंबिया विश्वविद्यालय में भारतीय आर्थिक नीतियों से जुड़े एक केंद्र के निदेशक पनगढ़िया ने कहा, ‘मेरा निजी विचार है कि भारत को आगामी पांच वर्ष में अपनी सुधार प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए.’

पनगढ़िया ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत को वस्त्र, जूता-चप्पल, फर्नीचर, रसोई से जुड़े सामान एवं ऐसे अन्य क्षेत्रों की प्रगति पर अधिक ध्यान देना चाहिए, जिसमें श्रम की आवश्यकता अधिक होती है.

उन्होंने कहा, ‘हमें इन क्षेत्रों में वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी कंपनियों की जरूरत है जो उस निर्यात बाजार पर दबदबा कायम कर सकें, जिससे चीन अधिक मेहनताने के कारण बाहर निकल रहा है…’

अर्थशास्त्री ने बल देकर कहा कि यह ऐसा समय है जब ‘हमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है.’

इसे भी पढ़ेंः भाजपा ने कहा, रणछोड़ हैं डॉ अजय, कांग्रेस बोली, भाजपा में डॉ अजय की छवि का कोई नेता नहीं

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

o1
You might also like