
New Delhi : केंद्रीय मंत्री अरूण जेटली की ओर से बुधवार को राहुल गांधी पर निशाना साधे जाने के बाद कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने गुरूवार को पलटवार किया. जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक विमर्श को लेकर बहस देखने को मिली है. जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आक्षेपों के लिए बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की समझ पर सवाल उठाया था और कहा कि यह तो अनुभवों से ही आती है, विरासत में नहीं मिलती. इस पर सुरजेवाला ने एक बयान जारी कर पलटवार किया और दावा किया कि बिना विभाग के मंत्री जेटली राजनीतिक प्रासंगिकता हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं.
इसे भी पढ़ें – राहुल ने कहा, विपक्षी दलों का महागठबंधन जन भावना के अनुरूप, नेता कौन होगा, यह नहीं बताया
‘अशोभनीय बातें करना जवाब देना नहीं है’
सुरजेवाला के इस बयान के बाद जेटली ने ट्वीट कर कहा कि रणदीप सुरजेवाला, यह राजनीतिक विमर्श है. अशोभनीय बातें करना जवाब देना नहीं है. तथ्यों के साथ जवाब दीजिए. इस पर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता ने आज कहा कि जेटली जी, जब आप तथ्यों को तोड़-मरोड़कर कांग्रेस नेतृत्व, यहां तक कि उच्चतम न्यायालय और कई अन्य लोगों के बारे में भला-बुरा कहते हैं तो वह राजनीतिक विमर्श होता है. लेकिन जब आपको ठोस तथ्यों के साथ सच का आइना दिखाया जाता है तो आप असहज हो जाते हैं और इसे अशोभनीय बात करार देते हैं.
भाजपा के वरिष्ठ नेता जेटली ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि रणदीप सुरजेवाला: अगर आर्थिक कुप्रबंधन होता तो कमजोर अर्थव्यवस्था वाले पांच देशों (फरगाइल फाइव) और नीतिगत पंगुता से दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का सफर संभव नहीं हो सकता था. यह जानकारी नहीं होने का एक और मामला है. इस पर सुरजेवाला ने कहा कि जेटली जी मोदी सरकार में पिछले चार साल में विकास दर सबसे निचले स्तर पर है. निर्यात गिर गया है, दो करोड़ नौकरियों का वादा जुमला निकला, एनपीए 10 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है, निवेश गिर गया है, बैंकों की हालत खराब हो चुकी है और लूट घोटाले आम बात हो गई है. जीएसटी गलत ढंग से लागू की गई, योजनाएं विफल हो रही हैं. क्या यह सब आर्थिक कुप्रबंधन नहीं है?
इसे भी पढ़ें – केजरीवाल ने मोदी को पत्र लिख कहा – खत्म करायें आईएएस अधिकारियों की हड़ताल नहीं तो पीएम कार्यालय पर देंगे धरना
राहुल गांधी की समझ पर उठाया जेटली ने उठाया था सवाल
दोनों नेताओं के बीच इस बहस की पृष्ठभूमि बुधवार को उस वक्त तैयार हुई, जब जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आक्षेपों के लिए एक बार फिर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की समझ पर सवाल उठाया और कहा कि यह तो अनुभवों से ही आती है, विरासत में नहीं मिलती. जेटली ने फेसबुक पर लिखा है कि कांग्रेस पार्टी विचारधारा विहीन हो गई है क्योंकि वह केवल एक व्यक्ति नरेंद्र मोदी की रट लगाती है.
उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी बड़ी कंपनियों को 2.5 लाख करोड़ रुपये के कतिपय कर्ज माफ किए जाने को लेकर केंद्र की भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर हमले कर रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने मुद्रा योजना की भी आलोचना की है.
इसे भी पढ़ें – राजस्थान की महिला मंत्री को करणी सेना ने दी नाक-कान काट लेने की धमकी
न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.




