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बेरोजगारी, भुखमरी, भ्रष्टाचार में हुई में वृद्धि, विकास के नाम पर सिर्फ महंगाई बढ़ायी सरकार ने : डॉ शिव शंकर

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Ranchi : देश के विकास के लिए जरूरी है कि जातिवादी सोच को दरकिनार किया जाये. देश के विकास में सबसे बड़ी बाधा जातिवाद है. उक्त बातें डॉ शिव शंकर हरिजन ने कही. वह शनिवार को नेशनल फोरम ऑफ एससी, एसटी एंड ओबीसी कम्युनिटी की बैठक को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सरकार के पांच वर्ष होने को हैं और स्पष्ट है कि देश का कितना विकास हुआ. हर तरह से जनता को लूटा गया. विकास के नाम पर महंगाई पढ़ायी गयी. सांप्रदायिकता फैलायी गयी. डॉ शिव ने कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी के अधिकारों के साथ लगातार सरकार ने खिलावाड़ किया है. आरक्षण से लेकर हर स्तर पर सिर्फ इनके अधिकारों को मारा गया है. सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है. जब-जब भाजपा की सरकार आयी, तब-तब सरकारी कर्मचारियों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया गया. 2004 में पेंशन योजना को समाप्त करना सबसे महत्वपूर्ण रहा और सबसे अधिक लोग इसी से प्रभावित हुए.

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भुखमरी में 103वें स्थान पर है देश

फोरम के अध्यक्ष डॉ सहदेव राम ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कई सालों के रिकॉर्ड भारत ने पिछले चार सालों में तोड़ दिये, जिसमें सबसे प्रमुख बेरोजगारी और भुखमरी है. उन्होंने कहा कि साल 2018 में एक करोड़ दस लाख लोगों को बेरोजगार कर दिया गया. वहीं फॉर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक भुखमरी के मामले में भारत 103वें स्थान पर है. वहीं, मीडिया रिपोर्टों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने 66 अरब रुपये सिर्फ विदेश यात्रा और विज्ञापनों पर खर्च किये हैं. स्पष्ट है कि देश किस ओर जा रहा है.

पिछड़ों को नहीं मिल पा रहा हक

डॉ सहदेव ने कहा कि सरकार जिस विकास का दावा करती है, वह कुछ लोगों तक ही सीमित है. अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी को उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा. उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी कार्यालय में देख लें, कहीं भी निम्न जाति के लोगों की संख्या काफी कम मिलेगी. उन्होंने कहा कि ऐसे में जरूरी है कि लोग एकत्रित हों और अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करें.

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बैठक में ये प्रस्ताव पारित किये गये

न्यायिक प्रणाली में एससी, एसटी और ओबीसी को जनसंख्या के आधार पर आरक्षण मिले और राज्य के विभिन्न विभागों में हो रही पदोन्नति, पदस्थापना और स्थानांतरण में हो रही अनियमितता को दूर किया जाये.

ये थे उपस्थित

मौके पर मीरा कुमारी, देवेंद्र कुमार शरण, राजू उरांव समेत अन्य लोग उपस्थित थे.

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