
Ranchi: हजारीबाग के तत्कालीन सिविल सर्जन के पेंशन में से 20% राशि 3 साल के लिए काटे जाने के मामले में दायर अवमानना याचिका की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई. कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई 7 फरवरी को या तो कोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए प्रार्थी को उसके पेंशन से काटे गए राशि का भुगतान करें अन्यथा स्वास्थ्य सचिव सशरीर अदालत में उपस्थित हो. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता दीपक कुमार प्रसाद ने पैरवी की.
दरअसल, प्रार्थी डॉक्टर दीनानाथ पांडे के हजारीबाग सिविल सर्जन रहने के दौरान समान आपूर्ति का सुपरवाइज सही ढंग से नहीं करने को लेकर राज्य सरकार की ओर से 3 साल के लिए उनके पेंशन से 20% की राशि काटने का आदेश दिया गया था. हाई कोर्ट की एकल पीठ ने प्रार्थी को राहत देते हुए सरकार के आदेश को निरस्त कर दिया था. वहीं खंडपीठ में भी प्रार्थी को राहत मिली थी और सरकार की अपील खारिज हो गई थी. कोर्ट ने सरकार पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था एवं उस जुर्माना राशि को प्रार्थी को देने को कहा था. इसके बाद भी कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं हुआ. सरकार की ओर से कहा गया कि वह इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जाएगी. जिस पर कोर्ट ने कहा कि सरकार कोर्ट के आदेश का अनुपालन अगली सुनवाई में सुनिश्चित करें.




