
Saurav Singh
Ranchi: पुलिस कर्मियों द्वारा आत्महत्या किये जाने की घटनाएं बढ़ रही हैं. राजधानी रांची समेत राज्य के अन्य जिले में पुलिस विभाग में आत्महत्याओं के मामले बढ़े हैं. इसके पीछे बढ़ता वर्क लोड, मानसिक दबाव और प्रेम-प्रसंग जैसी चीजें वजह बताई जा रही हैं.
कुछ दिन पहले ही सरायकेला जिले के दोगुनी सीआरपीएफ 196 बटालियन के जवान मोहम्मद सैफूउद्दीन अहमद ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. इससे पहले राजधानी रांची के बीआइटी मेसरा ओपी में मुंशी के पद पर तैनात दीपक पटेल ने मानसिक तनाव के चलते फांसी लगा कर आत्महत्या ली. ये ऐसा पहला मामला नहीं है जब किसी पुलिसवाले ने आत्महत्या की हो इसके पहले भी दारोगा,सिपाही मौत को गले लगा चुके हैं.
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इस वर्ष 10 पुलिसकर्मियों ने की आत्महत्या की कोशिश
बता दें कि राज्य में इस वर्ष फरवरी महीने से लेकर अक्टूबर तक 10 पुलिसकर्मियों ने आत्महत्या की कोशिश की. जिसमें 8 की मौत हो गई और दो की जान बच गई. जिनमें लातेहार ,गुमला,बोकारो, जमशेदपुर, देवघर, रांची और गिरिडीह जिले के पुलिस कर्मियों के द्वारा आत्महत्या करने की घटनाएं सामने आ चुकी है.
मानसिक तनाव और प्रेम-प्रसंग बन रहा कारण
पुलिस खेमे में इस तरह की बढ़ती घटनाओं के पीछे मानसिक तनाव और प्रेम प्रसंग को कारण माना जा सकता है. क्योंकि कई ऐसे मामले सामने आये, जिसमें काम के दवाब औऱ प्रेम में असफल होने की बात सामने आयी है. बता दें कि देवघर जिला बल में तैनात महिला सिपाही नंदनी कुमारी और पुरुष सिपाही सरोज कुमार ने प्रेम प्रसंग में पटना में ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की थी.
जिसमें नंदिनी कुमारी की मौत हो गई और सरोज कुमार बच गए. वहीं इसके अलावा सीआरपीएफ के जवान बीरेंद्र रावत और मोहम्मद सैफूउद्दीन अहमद मानसिक तनाव के वजह से अपनी जान दे दी. इसके अलावे झारखंड पुलिस के एएसआइ याकूब आइंद, मुंशी दीपक पटेल,जैप हवलदार संतोष कुमार महतो, जैप जवान रोशन भेंगरा, प्रशिक्षु दारोगा अनिल सिंह मुंडा, राहुल कुमार राय के द्वारा मानसिक तनाव की वजह से आत्महत्या करने के मामले सामने आए.
आठ घंटे काम और सप्ताह में छह दिनों की ड्यूटी वाली बात हवा-हवाई
सिपाही और हवलदार स्तर के पुलिसकर्मियों के लिए रोजाना आठ घंटे काम और सप्ताह में छह दिनों की ड्यूटी वाली बात हवा-हवाई साबित हो गई. पूर्व डीजीपी डीके पांडेय के इस आदेश के कई महीने बीत गये,लेकिन इस आदेश का पालन ग्राउंड स्तर पर नहीं दिखा.
इसकी सबसे बड़ी वजह है पुलिसकर्मियों की कमी. जब एक शिफ्ट में ही पुलिसकर्मी कम पड़ रहे हैं तो तीन शिफ्टों में ड्यूटी कर इस आदेश का पालन करवाया जाना मुमकिन कैसे होगा. वहीं तत्कालीन डीजीपी के इस आदेश के अनुपालन को लेकर सवाल करने पर अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं.
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कहां-कितने घंटे ड्यूटी कर रहे जवान
थानों में मुंशी सुबह आठ बजे से लेकर रात के 10 से 11 बजे तक ड्यूटी करते नजर आ रहे हैं. थानेदार के बॉडीगार्ड सुबह आठ बजे या थानेदार के निकलने के अनुसार, रात के दो बजे या पूरी रात तक ड्यूटी कर रहे हैं. विशेष छापेमारी में निकले पुलिसकर्मी एक से दो दिनों तक बाहर रहते हैं. वहीं पेट्रोलिंग में लगे जवान 10 से 12 घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं.
इस वर्ष अबतक 10 जवानों ने की आत्महत्या
6 फरवरी 2019- हेरहंज थाना क्षेत्र में स्थापित सीआरपीएफ की 11वीं बटालियन कैंप में तैनात हवलदार वीरेंद्र सिंह रावत (50 वर्ष) ने खुद को गोली मारकर अपनी जान दे दी थी.
14 अप्रैल 2019- सदर थाना गुमला में पदस्थापित प्रशिक्षु दारोगा अनिल सिंह मुंडा ने रविवार की शाम 5 बजे करीब थाना परिसर स्थित आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. प्रशिक्षु दारोगा मूल रूप से सिल्ली का रहने वाला था.
1 मई 2019- जैप-4 के जवान रोशन भेंगरा ने अपने एक साथी जवान की बंदूक से खुद के पेट में गोली मार ली. जैप-4 स्थित शस्त्रागार में देर रात रोशन ने गोली मारकर आत्महत्या की कोशिश की. जिसके बाद उसे बोकारो जेनरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, उसकी जान बच गई.
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26 मई 2019- पालकोट थाना में पदस्थापित जैप हवलदार संतोष कुमार महतो ने खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली. हवलदार ने अपने सर्विस इंसास रायफल से खुद को तीन गोली मारी थी.
12 जून 2019- गिरिडीह जिला पुलिस बल के 38 वर्षीय जवान राहुल कुमार राय द्वारा बुधवार की दोपहर अपने सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर लिये जाने की बात सामने आई हालांकि इस मामले में कहा गया कि गोली गलती से चली थी.
26 जून 2019- जमशेदपुर के चाकुलिया थाना में पदस्थापित एएसआई याकूब आइंद का शव मंगलवार को थाने के पीछे खाली क्वार्टर के बरामदे में फंदे से झूलता मिला.
23 अगस्त 2019- रांची बीआइटी मेसरा ओपी परिसर में मुंशी दीपक पटेल ने पंखे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.
12 सितंबर 2019- पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में झारखंड पुलिस के दो सिपाहियों ने को ट्रेन के आगे छलांग लगा दी.महिला सिपाही नंदिनी कुमारी की मौके पर ही मौत हो गयी. पुरुष सिपाही सरोज कुमार को गंभीर हालत में पीएमसीएच में भर्ती कराया गया था.दोनों देवघर जिला बल में तैनात थे.
25 अक्टूबर 2019- सराइकेला जिले के दुगनी स्थित सीआरपीएफ 196 बटालियन के कैंप परिसर में सीआरपीएफ जवान मोहम्मद सैफुद्दीन अहमद आत्महत्या कर ली, जवान का शव पेड़ से लटका मिला था.
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