
Chhaya
– महेश पोद्दार के सरकारी गुणगान से व्यवसायियों के बीच आक्रोश
Ranchi: सरकार की योजनाओं और सीएम के बयानों पर कटाक्ष करने वाले राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार के बयानों में इन दिनों काफी बदलाव देखा जा रहा है. आरोप लग रहा है कि व्यवसायियों की तरफ से किसी भी मामले को उठाया जाता है तो, सांसद सरकार का गुणगान करते नजर आ रहे हैं. महेश पोद्दार ही वह सांसद हैं, जिन्होंने श्रम विभाग की ओर से मजदूरों के बीच साड़ी और सर्ट पैंट बांटे जाने के लिए निकाली गयी टेंडर की आलोचना की थी. ये सिर्फ एक बार नहीं कई बार सांसद महेश पोद्दार की ओर से सरकारी योजनाओं पर कटाक्ष किया गया है.

सांसद महेश पोद्दार के इस बदले रूख से व्यापारियों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है. पिछले कुछ दिनों से ट्विटर के जरिए सांसद महेश पोद्दार के लिए राज्य के व्यवसायियों के बीच असंतोष देखा जा रहा है. सिर्फ सांसद महेश पोद्दार ही नहीं, व्यवसायियों के इस आक्रोश से लोकसभा सांसद संजय सेठ भी अछूते नहीं है.
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21 अक्टूबर से शुरू हुआ सिलसिला
21 अक्टूबर को फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से व्यवसायियों पर हो रहे हमलों के खिलाफ राज्यव्यापी बंद बुलाया गया. हालांकि बंद दोपहर दो बजे तक रहा. लेकिन महेश पोद्दार और संजय सेठ ने व्यापारियों के बंद का ना समर्थन किया और ना ही कोई ट्वीट किया.

पूर्व चेंबर अध्यक्ष दीपक कुमार मारू ने इस संबंध में ट्वीट भी किया कि दोनों जनप्रतिनिधि व्यवसायियों की समझें. अजय भंडारी नाम के व्यवसायी ने भी इस पर ट्वीट किया कि महेश पोद्दार और संजय सेठ दोनों ही पूर्व चेंबर अध्यक्ष रह चुके हैं. इसके बाद भी उन्हें व्यापारियों की समस्या नजर नहीं आती.
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व्यवसायियों ने कहा गलत को गलत कहें

इसी बीच, 26 अक्टूबर को सांसद महेश पोद्दार ने राज्य में टेक्सटाइल सेक्टर के आगे बढ़ने से रोजगार और निवेश के लिए उपयोगी बताया. इस पर पूर्व चेंबर अध्यक्ष दीपक कुमार मारू ने कहा कि आप यह बात कह रहे हैं. सब कुछ मालूम होते हुए भी कि वास्तविक स्थिति क्या है. सरकार के साथ खड़े होने की ऐसी भी क्या मजबूरी है. गलत को गलत तो कहना ही पड़ेगा.
वर्तमान में जो उद्योग की स्थिति है, इससे पहले कभी ऐसी नहीं रही है. वहीं हिमांशु कुमार ने ट्वीट किया, ट्विटर पर आपकी ओर से कहा जा रहा है, वास्तविकता कुछ और है. इसके विपरित सांसद बिहार राज्य कंस्ट्रक्शन कारॅपोरेशन के बंद होने और जनता पर बोझ बनने की बात करते नजर आयें.
लोकसभा में मोदी नीति चली, विधानसभा में नहीं

24 अक्टूबर को सांसद महेश पोद्दार ने महाराष्ट्र और हरियाणा चुनाव के बाद मिली जीत पर बीजेपी सरकार फिर से बनने की तारीफ की और बधाई दी. इस पर आंनद सिंह ने कमेंट किया कि दिल को तसल्ली देने का अंदाजे बयां अच्छा है. लेकिन यह तो बताना होगा कि आखिर कारवां क्यों लुटा.
वहीं दीपक कुमार मारू ने कहा कि विधानसभा चुनाव में हरियाणा सरकार के कृत्यों ने नरेंद्र मोदी के असर को कम कर दिया. मतलब लोकसभा में तो मोदी नीतियां चली.

लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा को बुरा प्रदर्शन की खामियों के कारण ही और न चेतने के लिए सांसद महेश पोद्दार और संजय सेठ जिम्मेवार होंगे.
वहीं अजय भंडारी ने कहा कि ब्यूरोक्रेटिक नेटवर्क ने सरकार पर शिकंजा कसा हुआ है. वह एक कारखाने के उद्घाटन को इवेंट में बदल देते हैं. जो सैकड़ों बंद हुए, उसका क्या.
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सच के साथ रहें
इस पर न्यूज विंग ने कुछ व्यवसायियों से बात भी की. जिस पर व्यवसायियों ने बताया कि महेश पोद्दार और संजय सेठ चेंबर के अध्यक्ष रह चुके हैं. सांसद पद पर जाने के बाद इस तरह से स्टैंड बदलना ठीक नहीं. कुछ दिन पहले तक महेश पोद्दार वास्तविकता ही ट्वीट करते थे.
कम से कम एक स्टैंड था. लेकिन पिछले कुछ दिनों से वे सिर्फ सरकार की प्रंशसा कर रहे हैं. व्यवसायी परेशान हैं, लेकिन सांसद को सरकार के गुणगान करने से फुरसत नहीं है. दोनों ही सांसद अपनी जिम्मेवादी से भाग रहे हैं. कम से कम डीजीपी के साथ बैठक तो कर सकते हैं.
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