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चक्रधरपुर में नल जल योजना कर्मी को मुखिया पति ने पीटा, ठेका कंपनी के कर्मियों ने मुखिया से किया दुर्व्यवहार व फाड़े कपड़े, मामला दर्ज

Chakradharpur: चक्रधरपुर थाना अंतर्गत जामिद पंचायत के ठेसापीढ में नल जल योजना का काम करा रहे ठेका कंपनी सिद्धार्थ इंटरप्राइजेज के मजदूर महमूद शेख के साथ मुखिया पति ने मारपीट कर गंभीर रुप से घायल कर दिया. घायल मजदूर को ठेका कंपनी के अन्य कर्मचारियों ने चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया. घायल कर्मचारी की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है. प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया है. घटना के संबंध में मजदूर महमूद शेख ने बताया कि जामिद पंचायत की मुखिया कुंती सरदार के पति हरीश मुंडा रविवार शाम 6 बजे अपने दो-तीन साथियों के साथ आए और बिना कोई कारण बताए सीधे मारपीट करने लगे.

मुखिया का पति पिछले कुछ दिनों से कर रहे थे परेशान :शब्बीर आलम

ठेका कंपनी के कर्मचारी शब्बीर आलम बताया कि जामिद पंचायत की मुखिया कुंती सरदार के पति हरीश मुंडा पिछले कुछ दिनों से पंचायत में काम करने से हमें परेशान कर रहे थे उनका कहना था कि नल जल योजना का काम को बंद करने की बात कहते थे .हमसे कार्य का एस्टीमेट मांगा जा रहा है. उन्होंने कहा कि शनिवार की शाम भी हरीश मुंडा अपने कुछ साथियों के साथ ठेसापीढ कार्यस्थल पहुंचे और उनके साथ कुछ युवकों ने मुंह में कपड़ा बांध हुए थे और हथियार पकड़े थे . कहने लगे कि जब तक
पांच लाख रुपए नहीं देंगे, काम नहीं करने दिया जाएगा. काम रोकने की धमकी देने के साथ-साथ मारपीट की भी धमकी दी गई. इसके बाद सभी वहां से चले गए. रविवार शाम 6 बजे अचानक हरीश मुंडा गांव पहुंचे और तभी महमूद शेख को अकेले पाकर जमकर पिटाई कर दी. इससे कर्मचारी घायल हो गए. इसके बाद किसी तरह थाना पहुंचे.

आधा घंटा में ठेका कंपनी के कर्मचारियों का बदला बयान

मारपीट में घायल हुए महमूद शेख के साथ ठेका कंपनी का कर्मचारियों ने घटना के बाद जब चक्रधरपुर थाना पहुंचे तब बताया कि मुखिया के पति हरीश मुंडा किस बात से नाराज है और मारपीट की इसकी हम लोग को नहीं पता हैं. एक सवाल के जवाब में उन लोगों ने बताया कि हम लोगों से उसने कोई पैसा का बात नहीं की हैं. लेकिन आधा घंटे के बाद जब ठेका कर्मचारियों के मजदूर मामला दर्ज कर रहे थे तभी 5 लाख की बात सामने आई और मामला दर्ज किया गया.

ठेका कंपनी के कर्मचारियों ने मुखिया का साथ किया दुर्व्यवहार फाड़े कपड़े

जमीद पंचायत की मुखिया कुंती सरदार ने बताया कि रविवार शाम को रोज कि तरह गांव की भ्रमण कर रहा थे. इस दौरान ठेका कंपनी के कर्मचारियों ने मेरे साथ पहले गाली गलौज की उसके बाद दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया. इसमें दो-तीन कर्मचारियों ने मेरे कपड़े भी फाड़ दिया . बाद में इस बात की जानकारी हमने अपने पति हरीश मुंडा को दी. उसके बाद उन्होंने आए और उनके साथ थाना पहुंचकर मामला का शिकायत किया.

नल जल योजना में हो रहा था गड़बड़ी इसकी हमने डीसी से भी कर चुके हैं शिकायत

जमीद गांव के मुखिया के पति हरीश मुंडा ने कहा कि ठेसापीड़ गांव में नल जल योजना के कार्य में गड़बड़ी होने पर मैंने कर्मचारियों और तेज जल स्वच्छता विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायत कर चुके हैं. इसके बाद हमने ठेका कंपनी के कर्मचारियों से एस्टीमेट मांगा था, लेकिन मुझे एस्टीमेट नहीं दिया गया. इसके बाद हमने काम में गड़बड़ी की डीसी को ट्वीट कर दी जानकारी भी दिया था. इस बीच विभागीय मिलीभगत से ठेका कंपनी के अधिकारी और कर्मचारियों ने हम पर झूठा एक मामला शिकायत किया इस बात की जानकारी होने के बाद मैंने कुछ दिन पहले कर्मचारियों से दो-तीन दिनों तक काम रोकने को कहा था. इस दौरान कर्मचारियों ने हमारे साथ जाति सूचक गाली गलौज भी किया था. इधर ठेका कंपनी के कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोप में उन्होंने कहा कि रविवार की शाम मैं गांव में नहीं था, लेकिन इसके बावजूद मेरे ऊपर मारपीट का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि कर्मचारियों ने मेरी पत्नी मुखिया कुंती सरदार के साथ दुर्व्यवहार किया है. साथ ही धक्का मुक्की कर कपड़े भी फाड़े हैं.

शिकायत मिला है दोनों तरफ से हुआ है मामला दर्ज

चक्रधरपुर थाना प्रभारी चंद्रशेखर कुमार ने कहा कि मुखिया और ठेका कंपनी के कर्मचारियों द्वारा अलग-अलग लिखित शिकायत किया है इस पर मामला दर्ज कर लिया गया. पूरे मामले की जांच पड़ताल किया जा रहा है.

हर पंचायत में चल रहा है नल जल योजना हो रहा है विवाद

पश्चिमी सिंहभूम जिले के 18 प्रखंड में नल जल योजना का कार्य चल रहा है. बता दे कि इसे लेकर हर दिन कोई ना कोई बात को लेकर विवाद भी हो रहा है. योजना का प्रकरण या किसी प्रकार का बोर्ड कहीं भी नहीं लगाया गया है. ग्रामीण या जनप्रतिनिधि विभाग के अधिकारियों से बात करते हैं तो वह उल्टे जवाब देते हैं. इस कारण से हर रोज कहीं ना कहीं विवाद हो रहा है. चक्रधरपुर प्रखंड में भी पेयजल स्वच्छता विभाग के अधिकारी इस और ध्यान नहीं दे रहे हैं. एक मुखिया अपना नाम न छापने के छत पर बताया कि चक्रधरपुर पेयजल स्वच्छता विभाग के एक अधिकारी से जब बात करते हैं तो वह उल्टे हमें किसी केस में फसाने के बाद कहते हैं. जिस कारण से इस योजना में विभागीय मिली भगत से खुलेआम लूट मची हुई है.

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