
Ranchi : विधायक सरयू राय ने कहा है कि रघुवर सरकार में पुलिस विभाग के स्पेशल ब्रांच के द्वारा अवैध कार्यालय खोला गया था. सीएम हेमंत सोरेन को उन्होंने इस संबंध में गुरुवार को एक लेटर भी लिखा. कहा कि कांके में रघुवर की शह पर ही अवैध कार्यालय खोल कर इसका संचालन किया जा रहा था. इस संबंध में उन्होंने पूर्व में शिकायत दर्ज करायी थी जिसकी विस्तृत जांच झारखंड पुलिस की अपराध अनुसंधान शाखा और विशेष शाखा द्वारा की गयी है.
इसमें उनकी सूचनाएं सही पायी गयी हैं. जांच में यह भी साबित हो चुका है कि इस कार्यालय का संचालन बैजनाथ प्रसाद द्वारा किया जा रहा था. वह सरकारी कर्मी नहीं था.
इस अवैध कार्यालय में झारखण्ड पुलिस की गाड़ी, फोन टेपिंग उपकरण एवं अन्य संसाधन भी उपलबध कराया गया था. सरकार इस मामले में सभी दोषियों के खिलाफ लीगल एक्शन ले.
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भवन और पुलिस जवान की भी थी व्यवस्था
सरयू राय के मुताबिक जांच में कई बातें सही साबित हुई हैं. यह भी साबित हो गया कि अवैध कार्यालय संचालित करने के लिए दो भवनों के आवंटन के लिए विशेष शाखा ने भवन निर्माण विभाग को अनुरोध पत्र भेजा था.
इसमें अंकित है कि इन भवनों को आवंटित करने में तत्कालीन सीएम की रुचि थी. झारखंड सरकार के पुलिस विभाग के तीन पुलिस उपाधीक्षक दीपक शर्मा, अनिल कुमार सिंह, केके महतो और एक पुलिस निरीक्षक प्रभाष कुमार मिश्रा सहित कई आरक्षी इस अवैध कार्यालय के संचालन के लिए प्रतिनियुक्त किये गये थे.
इन तथ्यों से स्पष्ट है कि यह कार्यालय तत्कालीन सीएम की जानकारी में और उनके निर्देश पर ही खोला गया था. इसका उद्देश्य गैरकानूनी तरीके से फोन टेपिंग करने एवं अन्य सूचनाएं अवैध तरीके से एकत्रित करना था.
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कानूनी कार्रवाई जरूरी
अवैध कार्यालय के संबंध में जांच पूरी हो गयी है. दोषी चिन्हित हो गये हैं. इस गैरकानूनी कृत्य के लिए दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई का निर्देश सक्षम स्तर से अब तक जारी नहीं होना असमंजस में डालने वाला है.
फिलहाल पेसागस के जासूसी उपकरणों के माध्यम से कई लोगों की जासूसी होने की बात राजनीति में चर्चा का विषय है. रघुवर सरकार ने भी राज्य स्तर पर उपलब्ध सेंधमारी करने वाले उपकरणों से राज्य के विभिन्न व्यक्ति की फोन टेपिंग का अवैध प्रयास किया था. वह भी इसी तरह का एक लघु रूप था.
सरकार अपने स्तर से पहल करते हुए अनधिकृत फोन टेपिंग के माध्यम से अवैध सूचना संग्रह करने के कार्य में शामिल दोषी व्यक्तियों को विधि-सम्मत तरीके से दंडित करे.
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