
मानवाधिकारों की वक़ालत करने वाले अंतरराष्ट्रीय संगठन ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ ने आईसीसी से अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट टीम को बैन करने के लिए कहा है. एचआरडब्लू ने तालिबान के शासन में महिलाओं के साथ हो रहे भेदभाव के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद से अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट टीम की सदस्यता ख़त्म करने को कहा है. एचआरडब्लू की निदेशक मिंकी वर्डन ने कहा है कि जब तक अफ़ग़ानिस्तान में महिलाओं और बच्चियों को शिक्षा और खेल में भागीदारी का अधिकार नहीं मिलता तब तक अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट टीम को अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से निलंबित कर देना चाहिए.
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इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की नेशनल क्रिकेट टीम यूएई में अफ़ग़ानिस्तान के साथ होने वाले तीन एकदिवसीय मैचों की शृंखला से पीछे हट गई थी. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के इस फ़ैसले से अफ़ग़ानिस्तान में काफ़ी नाराज़गी देखने को मिली. अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ऑस्ट्रेलिया के फ़ैसले को बेहद निराशाजनक बताया था.
एचआरडब्लू की डायरेक्टर ने कहा है कि अपनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को लेकर आईसीसी भेदभाव-रोधी नीति अपनाती है. इस नीति के तहत बिना भेदभाव हर खिलाड़ी को खेलने देने के लिए आईसीसी प्रतिबद्ध है. लेकिन तालिबान ने सत्ता में आने के बाद ऐसे कई नियम-कायदे बनाए हैं जो महिलाओं और बच्चियों को शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य सेवाओं जैसे उनके मौलिक अधिकारों से वंचित करते हैं.





