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मॉब लिंचिंग पर हाइकोर्ट सख्त, सरायकेला और रांची में हुए हंगामे पर सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

Ranchi: झारखंड हाइकोर्ट ने मॉब लिंचिंग पर सोमवार को सख्‍त तेवर दिखाये. मामले की सुनवाई के क्रम में तल्ख रुख दिखाते हुए अदालत ने सरकार से जवाब-तलब किया है. अदालत ने सरायकेला में तबरेज अंसारी की मौत के मामले में सरकार से विस्तृत ब्‍योरा मांगा है. हाइकोर्ट ने रांची में मॉब लिंचिंग के विरोध में युवकों को चाकू मारे जाने और गाड़ियों में तोड़-फोड़ किये जाने की घटना को गंभीर माना है. इस घटना की भी जानकारी सरकार से मांगी गयी है. मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को.

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चोरी के आरोप में की गयी पिटाई, बाद में तबरेज अंसारी की हो गयी मौत

डीजीपी केएन चौबे ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया था कि सरायकेला थाना क्षेत्र के कदमडीह गांव निवासी तबरेज अंसारी ने अपने दो साथियों नुमैर अली और शेख इरफान के साथ 17-18 जून की देर रात मुरमू गांव में चोरी की. इसके बाद तीनों धातकीडीह गांव पहुंचे. वहां कमल महतो के घर में रात ढाई बजे के करीब चोरी का प्रयास करने लगे. इस बीच घरवाले जाग गये और उन्होंने तबरेज को पकड़ लिया. नुमैर अली और शेख इरफान भागने में सफल रहे. ग्रामीणों ने तबरेज की पिटाई की और सुबह पांच बजे थाना को इसकी सूचना दी. इसके बाद पुलिस धातकीडीह गांव पहुंची और तबरेज को बचाया. पुलिस ने मौके से चोरी की बाइक, मोबाइल और बटुआ भी बरामद किया. इसके बाद धातकडीह के ग्रामीणों की शिकायत पर तबरेज अंसारी, नुमैर अली और शेख इरफान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी. तबरेज को इलाज के लिए सरायकेला सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. इलाज के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. 22 जून को जेल में तबरेज अंसारी बीमार हो गया. उसे सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया.

Sanjeevani

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मॉब लिंचिंग के विरोध में निकाला गया था जुलूस, वाहनों में की गयी थी तोड़फोड़

राज्य में बढ़ती मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर रोक एवं तबरेज अंसारी के परिवार को न्याय दिलाने को लेकर मुत्ताहिदा मुस्लिम महाज के बैनर तले 5 जुलाई को दोपहर 3 बजे उर्स मैदान डोरंडा में जनाक्रोश सभा में हजारों की संख्या में लोग जमा हुए थे. जिसके बाद हजारों की संख्या में लोग राजेन्द्र चौक से फिरायालाल तक जुलूस की शक्ल में निकल पड़े.

सुजाता चौक के पास सभी लोगों को पुलिस-प्रशासन के द्वारा रोक दिया गया और लोगों को वापस लौटना पड़ा. बताया जा रहा है कि एसडीओ से मुत्ताहिदा मुस्लिम महाज के बैनर तले उर्स मैदान डोरंडा में जनाक्रोश सभा करने की अनुमति मांगी गयी थी, लेकिन शहर में जुलूस निकाला गया, जिससे पूरे शहर में जाम की स्थिति उत्पन्न हो गयी. घंटों तक सड़कों पर गाड़ियां रेंगती रहीं. लोग जाम में फंसे रहे. इस दौरान जुलूस में शामिल लोगों के द्वारा डोरंडा राजेंद्र चौक के गुजर रही कॉलेज की बस में तोडफोड़ भी की गयी थी. इसमें कई छात्रों को चोट लगी थी. वहीं शुक्रवार की शाम मेन रोड में तीन युवकों के पिटाई के विरोध में सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन कर रहे एक समुदाय के लोगों के द्वारा इंद्रपुरी के रहनेवाले विवेक श्रीवास्तव को जहां चाकू मार कर घायल कर दिया गया था, वहीं उसके भाई चंदन की भी पिटाई की गयी थी.

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