
Nikhil Kumar
Rabchi: लैंड रिलेटेड रिफॉर्म के लिए झारखंड को 1060 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद मिलेगी. यह राशि केंद्र सरकार द्वारा विशेष वित्तीय सहायता के रूप में दी जायेगी. इसके तहत भारत सरकार से इंसेंटिव के रूप में राशि दी जायेगी, जो लैंड रिलेटेड रिफॉर्म के लिए मिलेगा. ग्रामीण इलाकों में विशेष रूप से अंचल व निबंधन कार्यालयों का आधुनिकीकरण ऑर लैंड रिकार्डस के डिजिटाइजेशन पर खर्च किया जायेगा. भारत सरकार ने छह माइलस्टोन को पूरा करने का लक्ष्य राज्य सरकार और राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग को दिया है. इसमें प्रमुख रूप से सब डिवीजन ऑफ लैंड पार्सल और सर्वे और रि-सर्वे के लिए 600 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा अन्य कार्यो के लिए भी भारत सरकार के डीओएलआर मंत्रालय द्वारा स्वीकृति दिया जायेगा.
भू-राजस्व विभाग ने केंद्र से राशि प्राप्त करने के लिए भारत सरकार के सचिव से संपर्क भी किया है, चुनाव आचार संहिता हटते ही राशि आवंटन कराने का प्रयास किया जायेगा. जमीन मालिकों के आधार संख्या से जोड़ने का काम भी किया जायेगा. सरकार का मानना है की जमीन सर्वे और आधार कार्ड जोड़ने से आये दिन होने वाले जमीन विवाद को खत्म् किया जा सकेगा. सरकार के पास भी एक बेहतर लैंड रिकार्डस उपलबध होगा. जमीन के दस्तावेजों का डिजीटाइजेशन होने से दस्तावेज ऑनलाइन हो जायेगी. भू-अभिलेख से छेड़छाड़ भी संभव नहीं हो सकेगा, भू-माफियाओं पर भी लगाम कसा जा सकेगा. अंचल कार्यालयों के कर्मियों की भी मनमानी कम हो जायेगी.
सीएस ने इसेंटिव लेने को कहा
मुख्य सचिव ने पूरे मामले की समीक्षा की हे और राजस्व विभाग को कहा है कि जितना संभव हो, उसके आधार पर इसेंटिव प्राप्त करने की कार्रवाई करने को कहा है.
इन कार्यो के लिए मिलेगी राशि
सब डिवीजन ऑफ लैंड पार्सल एंड सर्वे, रि-सर्वे- 600 करोड़
जियो रिफ्रेसिंग एंड भू- आधार एसाइनमेंट- 60 करोड़
ऑनलाइन लैंड रजिस्ट्री एडं इनर- लिंकेज विथ अन्य सिस्टम – 225 करोड़
सैचुरेशन ऑफ लैंड रिकार्डस- 75 करोड़
मार्डनाइजेशन एवं रेवेन्यू कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम- 100 करोड़




