
Ranchi : रिम्स रांची में दिव्यांग कोटे में गलत सर्टिफिकेट के आधार पर पांच विद्यार्थियों का एमबीबीएस कोर्स में नामांकन की जांच करने का आग्रह करनेवाली जनहित याचिका की सुनवाई झारखंड हाइकोर्ट में हुई. मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार का पक्ष सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी. साथ ही प्रार्थी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. जुर्माने की यह राशि प्रार्थी को झारखंड लीगल सर्विस अथॉरिटी के पास जमा करनी होगी. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार ने पैरवी की. दरअसल, प्रार्थी अरुण कुमार दुबे ने वर्ष 2011 से 2013 के बीच रिम्स में एमबीबीएस कोर्स में दिव्यांग कोटे में गलत सर्टिफिकेट के आधार पर पांच विद्यार्थियों के नामांकन को जनहित याचिका दायर कर चुनौती दी थी. गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि प्रार्थी ने जिन 5 विद्यार्थियों के रिम्स में नामांकन को चुनौती दी है, उनका नामांकन वर्ष 2011 से 2013 के बीच का है. 7 साल के बाद प्रार्थी ने रिम्स में इन विद्यार्थियों के नामांकन को चुनौती दी है. प्रार्थी ने यह जनहित याचिका सही मंशा से दायर नहीं की है.
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