
Ranchi: दो दिवसीय दिल्ली दौरे के बाद रांची लौटे राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने पूर्व सीएम हेमंत सोरेन और महागठबंधन के अन्य नेताओं की ओर से राजभवन के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर पलटवार किया. एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर लोग राजनीतिक लाभ के लिए कुछ करना चाहते हैं, तो हम क्या कर सकते हैं. संवैधानिक प्राधिकारी के रूप में हम यहां संविधान की रक्षा के लिए हैं. और जब वे आरोप लगा रहे हैं, तो सबूत कहा है. कुछ दैनिक समाचार पत्रों ने भी लेख लिखे हैं कि ‘’राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की थी” हमने ऐसा कभी नहीं किया. लेकिन हमने उस अखबार को नोटिस जारी किया है.
इस्तीफे में ED की गिरफ्तारी का जिक्र
राजभवन से पूर्व सीएम की गिरफ्तारी की बात लगातार गठबंधन कर रहा है. इसपर जवाब देते हुए राज्यपाल में कहा कि ईडी ने हेमंत सोरेन को हिरासत में ले लिया था. उन्होंने खुद इसका उल्लेख अपने इस्तीफे में किया था कि ईडी ने उन्हें हिरासत में ले लिया है इसलिए मैं इस्तीफा देना चाहता हूं. तो ठीक है, मैं मानने को तैयार हूं.
क्या राजभवन कदाचार में शामिल है-सीपी राधाकृष्णन
राज्यपाल ने बताया कि वो तीन घंटे से तत्कालीन सीएम हेमंत सोरेन इंतजार कर रहे थे. और जब वह आए तो हमने इस्तीफा स्वीकार कर लिया. राजभवन के शामिल होने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि राजभवन क्यों और कहां शामिल है. क्या राजभवन कदाचार में शामिल है. यह तो हेमंत सोरेन के बाहर आने के बाद ही साबित हो पाएगी.




