
Ranchi : राज्य में एसटी/एससी समुदाय के लोगों को शराब दुकान खोलने में आरक्षण की सुविधा मिलेगी. इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे शराब दुकान का लाइसेंस देने की नियमावली में संशोधन करें. उन्होंने कहा कि एसटी/एससी समुदाय के वैसे लोग, जो शराब दुकान चलाने के इच्छुक और लाइसेंस लेने में सक्षम हैं, उन्हें लाइसेंस जारी करें.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गुरुवार को उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की समीक्षा बैठक कर रहे थे. इसमें उन्होंने विभाग के अधिकारियों को एसटी/एससी समुदाय के लोगों को लाइसेंस देने के लिए नियमावली में संशोधन करते हुए कुछ शराब दुकानें आरक्षित करने की योजना तैयार करने का निर्देश दिया.
नकली शराब बनानेवालों पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने राज्य में नकली शराब बनाने के काम शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने का भी निर्देश भी दिया है. बैठक में उन्होंने कई अहम फैसले भी लिये. इसमें सबसे प्रमुख फैसला होमगार्ड जवानों की सेवा लेना है. सीएम ने विभाग में उत्पाद सिपाहियों की कमी को देखते हुए कहा है कि इस कमी को पूरा करने के लिए होमगार्ड जवानों की भी सेवा ली जा सकती है.
दुकान के बाहर शराब की रेट लिस्ट जरूर डिस्प्ले हो
हेमंत ने अधिकारियों से कहा कि जिन-जिन जिलों में नकली शराब बनायी जाती है, वहां साप्ताहिक निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करें. जिस क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार अथवा नकली शराब बनाने की सूचना मिले, वहां प्रशासन तुरंत छापामारी करे. कार्रवाई सुनिश्चित हो, इसके लिए हेमंत ने विभाग को एक टोल फ्री नंबर जारी करने का निर्देश दिया, ताकि अवैध शराब एवं सरकार द्वारा निर्धारित कीमतों
में हेर-फेर करनेवाले माफिया तथा दुकानदारों की शिकायत आम लोग कर सकें. वहीं, लोगों की जानकारी के लिए दुकान के बाहर रेट लिस्ट डिस्प्ले अवश्य हो. मुख्यमंत्री ने एक्साइज कंट्रोल रूम को सशक्त बनाने का भी निर्देश दिये, ताकि शिकायत मिलने पर विभाग तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित कर सके.
राजस्व संग्रहण में वृद्धि करने के लिए कार्य योजना बनायें
विभागीय समीक्षा में मुख्यमंत्री ने उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग को राज्य के राजस्व संग्रहण के प्रमुख विभागों में से एक विभाग भी बताया. उन्होंने कहा कि विभाग आवश्यकता का आकलन करते हुए रिक्त पदों पर नियुक्तियों का कार्य प्रारंभ करें. राजस्व संग्रहण में कमी न हो, इसके लिए आवश्यक है कि विभाग रिक्त पदों पर नियुक्तियां करें. राजस्व संग्रहण के लिए विभाग बेहतर कार्य योजना भी तैयार करे.
कोविड-19 के कारण राजस्व संग्रहण में आयी कमी
विभागीय सचिव विनय कुमार चौबे ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि कोविड-19 के कारण नवंबर 2020 तक राजस्व संग्रहण के रूप में 1025 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जो राजस्व में कमी को दर्शाता है. राजस्व संग्रहण में ह्रास का मुख्य कारण कोविड-19 महामारी को लेकर सभी खुदरा उत्पाद दुकानों का 22 मार्च 2020 से 19 मई 2020 तक बंद रहना है. सचिव ने जानकारी दी कि राज्य को प्राप्त होनेवाले कुल उत्पाद राजस्व का 90 से 95 प्रतिशत मुख्यतः खुदरा उत्पाद दुकानों के संचालन से प्राप्त होता है.




