
Ranchi: नौकरानी के साथ क्रूरता मामले में निचली अदालत द्वारा डिस्चार्ज पिटीशन खारिज किए जाने को चुनौती देने वाली भाजपा की निलंबित नेत्री सीमा पात्रा की क्रिमिनल रिवीजन की सुनवाई झारखंड हाई कोर्ट में सोमवार को हुई. मामले में मेंटीबिलिटी (याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं) के बिंदु पर सुनवाई पूरी हो गई, इस पर कोर्ट कल यानी मंगलवार को अपना आदेश दे सुनाएगी. सुनवाई के दौरान इस पर बहस की गई कि यह मामला क्रिमिनल रिविजन का है या अपील का. सूचक विवेक बास्की की ओर से अधिवक्ता शुभाशीष रसिक सोरेन एवं अधिवक्ता शोभा लकड़ा ने पैरवी की. बता दें कि मामले को लेकर सीमा पात्रा के खिलाफ अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी.रांची की निचली अदालत ने सीमा पात्रा की डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज कर दिया था, जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी है.
नौकरानी को दिए कई यातनाएं, मुंह से पेशाब साफ करवाया
बता दें कि प्राथमिकी में नौकरानी सुनीता ने बताया था कि सीमा पात्रा ने उन्हें कई दिनों तक भूखे-प्यासे कमरे में बंद रखा था. लोहे की रॉड से मार कर उसके दांत तक तोड़ दिये थे. इतने से भी उनका जी नहीं भरा तो उन्होंने गर्म तवे से शरीर के कई हिस्सों में दागा, जिसके निशान अभी भी हैं. इसके अलावे पेशाब को भी मुंह से साफ कराती थी. सुनीता पर हो रहे जुल्म की जानकारी किसी तरह कार्मिक विभाग के अफसर विवेक बास्की को मिली थी. इसके बाद उन्होंने डीसी राहुल कुमार सिन्हा के पास शिकायत दर्ज करायी. पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सुनीता को मुक्त कराया था.




