
Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट में एक क्रिमिनल अपील पर सुनवाई के दौरान एक सजायाफ्ता के आपराधिक इतिहास को लेकर गलत शपथ पत्र दाखिल करने के मामले में जमशेदपुर के एसएसपी हाईकोर्ट में गुरुवार को सशरीर हाजिर हुए. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने उनसे गलत शपथ पत्र दाखिल करने का कारण पूछा. इस पर उनकी ओर से कोर्ट को बताया गया कि पुलिस के पोर्टल में आपराधिक इतिहास से संबंधित डाटा अपडेट नहीं रहने के कारण ऐसा हुआ है.उन्होंने कोर्ट को आश्वस्त किया गया अब अपराधिक इतिहास प्रस्तुत करने से पहले पुलिस अधिकारी निचली अदालत में भी वेरीफाई कर ही अपडेट अपराधिक इतिहास हाईकोर्ट में प्रस्तुत करेंगे. इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को दिशा – निर्देश देने की बात भी उन्होंने कोर्ट में कही.
इसे भी पढ़ें: कोडरमा: आर्म्स एक्ट के 2 आरोपियों को 5-5 साल सश्रम कारावास की सजा
उनकी ओर से कोर्ट को बताया गया कि पुलिस के पोर्टल में अभियुक्तों का जो आपराधिक इतिहास का डाटा था, उसी के आधार पर अभियुक्त का आपराधिक इतिहास हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया गया था, वह डाटा अपडेट नहीं था. दरअसल, मामले में क्रिमिनल अपील में पुलिस की ओर से सजायाफ्ता अभियुक्त के वैसे आपराधिक इतिहास को भी जोड़कर दिखाया गया था, जिसमें वह रिहा हो चुका था. जिसके बाद बीते बुधवार को कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान जमशेदपुर एसएसपी और मामले के अनुसंधानकर्ता को कोर्ट में सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया था. साथ ही मामले के अनुसंधानकर्ता को शपथ पत्र दाखिल करने को कहा था कि आपराधिक इतिहास को लेकर क्यों गलत शपथ पत्र दाखिल किया गया.




