
Ranchi: वर्ष 2015 के प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति में गैर पारा शिक्षक श्रेणी में आवेदन करने वाले वैसे पारा शिक्षकों, जिन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है, उनके लिए नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल करने के लिए झारखंड सरकार अंतिम काउंसलिंग आयोजित करेगी. इससे संबंधित एक मामले में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि सरकार ने एक नया रूल लाया है जिसे कैबिनेट से अप्रूवल मिल चुका है. झारखंड गजट के अगले अंक में जनसाधारण की जानकारी के लिए इसे प्रकाशित किया जाएगा. वैसे अभ्यर्थियों जिन्होंने काउंसलिंग में शामिल होने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है उनके लिए आखिरी राउंड का काउंसलिंग का आयोजन झारखंड सरकार करेगी.
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को अंतिम काउंसलिंग की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का निर्देश देते हुए याचिका निष्पादित कर दी. राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता रवि प्रकाश मिश्रा एवं अधिवक्ता गौरव राज ने पैरवी की. प्रार्थी नईमीशलम अंसारी एवं अन्य की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी.
बता दें कि अक्टूबर 2023 में इससे संबंधित एक मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की अपील पर फैसला सुनाते हुए एकल पीठ के आदेश को सही ठहराया था. कोर्ट ने एकल पीठ द्वारा पारित आदेश उचित बताया था. कोर्ट ने उस मामले में प्रतिवादी अभ्यर्थी जो पारा शिक्षक थे, लेकिन उन्होंने गैर पारा शिक्षक श्रेणी में आवेदन दिया था और वे अंतिम चयनित अभ्यर्थियों से अधिक अंक प्राप्त किए थे, उनके लिए अतिरिक्त काउंसिल कर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था.
सरकार ने हाईकोर्ट में दायर की थी अपील
दरअसल, इसी से संबंधित एक अन्य मामले में झारखंड सरकार ने एकल पीठ के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट की खंडपीठ में चुनौती दी थी. बता दें कि एकल पीठ में सुनवाई के दौरान पूर्व में राज्य सरकार की ओर से कहा गया था कि वर्ष 2015 की प्राथमिक शिक्षक में गैर पारा शिक्षक श्रेणी में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए अब कोई काउंसलिंग नहीं की जाएगी. प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति के लिए उनका कंसीडरेशन नहीं किया जाएगा. इस पर प्रार्थी पारा शिक्षकों की ओर से एकल पीठ से कहा गया था कि राज्य सरकार द्वारा उन्हें नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल नहीं करने का निर्णय गलत है.
हाई कोर्ट की एकल पीठ ने राज्य सरकार के इस आदेश को गलत माना था साथ ही हाईकोर्ट की एकल पीठ ने आदेश दिया था कि वैसे पारा शिक्षक जो उक्त नियुक्ति परीक्षा में गैर पारा शिक्षक श्रेणी में आवेदन दिए थे और जिनके अंक अंतिम चयनित अभ्यर्थी से ज्यादा है उनके संबंध में उचित कार्रवाई की जाए. उनके लिए अलग से काउंसलिंग की जाए.




