
Hazaribagh: जिले के उरीमारी से झामुमो नेता संजीव बेदिया का 18 वर्षीय पुत्र पीयूष देर रात अपहरणकर्ता के चंगुल से मुक्त हुआ. मिली जानकारी के अनुसार, पीयूष अपहरणकर्ता के चंगुल से भागकर देर रात अपने घर पहुंचा. पीयूष को अपहरणकर्ता ने परगढा के जंगल में रखा था.
इसी दौरान मौका देखकर वह फरार हो गया. अपराधियों ने काफी देर तक पीछा भी किया लेकिन पीयूष भागने में सफल रहा. बताया जा रहा है कि दो बाइक पर सवार होकर चार अपराधियों ने पीयूष को पता पूछने के लिए पास बुलाया. इसी दौरान कुछ सूंघा कर बेहोश कर दिया और बाइक में बैठा कर ले गए थे.
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अपहरण के बाद था हड़कंप
झामुमो के केंद्रीय सचिव व जिला परिषद सदस्य संजीव बेदिया का 18 वर्षीय पुत्र पीयूष रविवार को दोपहर से लापता हो गया था. उसके अपहरण होने की आशंका से पूरे इलाके में खलबली मच गयी थी. पीयूष रांची स्थित एक कॉलेज में बीए पार्ट वन का छात्र है. लापता होने की सूचना मिलने के बाद हजारीबाग के डीआइजी अमोल वेणुकांत होमकर और हजारीबाग एसपी एस कार्तिक सहित भारी संख्या में पुलिस बल संजीव बेदिया के उरीमारी जरजरा स्थित सीसीएल क्वॉर्टर पहुंचे और छानबीन में जुट गये थे. पुलिस अधिकारियों ने संजीव बेदिया, उनकी पत्नी व बेटे के दोस्तों से भी पूछताछ की थी.
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रविवार की दोपहर से गायब था झामुमो नेता का पुत्र
झामुमो नेता संजीव बेदिया की पत्नी ने पुलिस अधिकारियों को बताया था कि दोपहर एक बजे उनका 18 वर्षीय पुत्र पीयूष क्वॉर्टर के बाहर बैठा था. दोपहर करीब दो बजे खाने के लिए पूछने बाहर आयी तो उसे गायब पाया. इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल पाया था. इसके बाद उन्होंने तत्काल इसकी सूचना अपने पति संजीव बेदिया को मोबाइल पर दी, जो उस वक्त रांची में थे.
सूचना पाकर वे भी सीधे अपने आवास पहुंचे और तत्काल इसकी सूचना पुलिस अधिकारियों को दी थी. सूचना के बाद पुलिस हरकत में आ गयी.पीयूष का मोबाइल बंद होने के कारण पुलिस को उसका लोकेशन खोजने में परेशानी आ रही थी. लेकिन देर रात वो खुद अपराधियों की कैद से भाग निकला.
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