
Bermo : कोरोना को लेकर लॉकडाउन के कारण डीवीसी के बोकारो थर्मल, कोडरमा, चंद्रपुरा व रघुनाथपुर के पावर प्लांटों में पावर की डिमांड कम हो गयी है. पावर डिमांड कम होने से कोयले की खपत कम हो गयी है. इससे कोयले का व्यापक स्टॉक जमा हो गया है.
बोकारो थर्मल के पावर प्लांट में लॉकडाउन के पूर्व मार्च में कोयले का स्टॉक लगभग 1 लाख 20 हजार एमटी था. जबकि वर्तमान में कोयले का स्टॉक 2 लाख 80 हजार एमटी हो गया है.
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डीवीसी के स्थानीय पावर प्लांट में कोयले की खपत प्रतिदिन 5 हजार एमटी है. जबकि पावर प्लांट में प्रतिमाह 30 से 35 रैक कोयला की आपूर्ति हो रही है. एक रैक में लगभग तीन से साढ़े तीन हजार एमटी कोयला की आपूर्ति होती है. स्थानीय पावर प्लांट में लॉकडाउन के पूर्व रोड मार्ग से भी हाईवा के द्वारा कोयला मंगाया जाता था. जो कि लॉकडाउन में बंद कर दिया गया है.
इस संबंध में विभागीय सहायक अभियंता एपी मेहता का कहना है कि सड़क मार्ग से हाईवा के द्वारा आनेवाले कोयले में काफी एहतियात बरतने की आवश्यकता है. कोयला लेकर आनेवाले हाईवा को सेनेटाइज करने की व्यवस्था करनी होगी.
चालकों एवं उपचालकों के लिए भी मास्क एवं ग्लब्स की व्यवस्था करनी होगी. जो कि संभव नहीं है. इसलिए सड़क मार्ग से कोयले की आपूर्ति बंद कर रखी गयी है.
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लॉकडाउन के पूर्व कोडरमा पावर प्लांट में कोयले का स्टॉक 98 हजार एमटी था. जबकि वर्तमान में कोयले का स्टॉक 4 लाख 20 हजार एमटी है. डिप्टी चीफ आर बनर्जी का कहना है कि प्रतिदिन कोडरमा में तीन रैक कोयले की सप्लाई हो रही है. कोडरमा में सिर्फ रेल मार्ग से ही कोयले की सप्लाई होती है. चंद्रपुरा पावर प्लांट में लॉकडाउन के पूर्व कोयले का स्टॉक 1 लाख 40 हजार एमटी था. जबकि वर्तमान में लगभग तीन लाख एमटी कोयला का स्टॉक है.
लॉकडाउन में बिजली की मांग कम होने के कारण एक ही यूनिट को चलायी जा रही थी. जबकि कोडरमा की यूनिट के बंद होने के कारण 6 जून से दो यूनिटों से बिजली उत्पादन का कार्य हो रहा है. इसी प्रकार रघुनाथपुर पावर प्लांट में लॉकडाउन के पूर्व कोयले का स्टॉक लगभग 4 लाख एमटी था. जबकि वर्तमान में कोयले का स्टॉक 3 लाख 20 हजार एमटी है. रघुनाथपुर पावर प्लांट में भी वर्तमान में दो यूनिटों से बिजली का उत्पादन किया जा रहा है.
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