
Prateek Piyush
Jamshedpur : अब तक हनुमान जी बन कर चल रहे शिक्षा विभाग को आखिरकार अपनी शक्ति का एहसास हो गया है. इस का सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि अबतक मनमानी कर रहे राजेंद्र विद्यालय ने शिक्षा विभाग की ओर से की गई दो दिवसीय जांच के बाद अपनी गलतियों को मान लिया है.
ज्ञात हो कि गत दिनों राजेंद्र विद्यालय में परीक्षा के दौरान स्कूली बच्चों को मोबाइल के साथ पकड़े जाने पर स्कूल प्रबंधन की ओर से मनमाने ढंग से जबरन पांच हजार रूपए वसूलने का मामला प्रकाश में आया था. मामले की जानकारी मिलने पर शिक्षा विभाग की ओर से किए गए शोकॉज पर स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया. अंततः डीएसई की ओर से भेजी गई दो सदस्यीय जांच टीम ने मामले में स्कूल प्रबंधन की गलती पाई. इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने भी लिखित तौर पर अपनी गलतियों को स्वीकार कर लिया है.
कार्रवाई के लिए आयुक्त को पत्र लिखेगा विभाग डीएसई
डीएसई विनीत कुमार ने बताया कि जांच के बाद मामले में स्कूल प्रबंधन की गलती होने की बात सामने आई है. स्कूल प्रबंधन ने भी अपनी गलती स्वीकारी है. अब इस मामले में जांच रिपोर्ट को संलग्न करे हुए जिला शिक्षा विभाग की ओर से बोर्ड के आयुक्त को स्कूल प्रबंधन की मान्यता रद्द करने के लिए लिखित अनुशंसा की जाएगी.
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