
Hazaribag : हजारीबाग जिले में एक 55 वर्षीया महिला ने सड़क किनारे चिता सजाकर आत्मदाह कर लिया. इस दौरान आस-पास के लोग उसे बचाने के बजाय घटनाक्रम का वीडियो बनाते रहे.
मन को विचलित करने वाली यह घटना दारू थाना क्षेत्र के जबरा पांडे टोला की है. बताया जा रहा है कि जीवन दीदी नाम से जानी जाने वाली महिला ने घरेलू कलह से तंग आकर यह कदम उठाया.
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डॉक्टर ने रांची रेफर किया तो ले गये घर
जानकारी के अनुसार, जीवन दीदी ने गुरुवार सुबह करीब सात बजे अपने घर के सामने एनएच-100 के किनारे लकड़ी जमा कर चिता सजायी और उस पर मिट्टी तेल डाला. उसके बाद उसने अपने ऊपर मिट्टी तेल डाल लिया और चिता पर बैठकर आग लगा ली.
घटना में वह 50 प्रतिशत से ज्यादा झुलस गयी. वह इसी हाल में सड़क पर बैठ गयी. तब तमााशा देख रही भीड़ में से ही आकर कुछ लोगों ने उसके शरीर पर पानी डाला और एक दो लोग उसे सदर अस्पताल ले गये. सदर के डॉक्टरों ने उसे रांची रेफर कर दिया, लेकिन आर्थिक तंगी का हवाला देकर परिजन वापस उसे घर ले गये.
इस बात की जानकारी मिलने पर सदर विधायक मनीष जायसवाल व एसडीओ मेघा भारद्वाज ने महिला को रांची भेजवाया. रांची के रिम्स में इलाज के दौरान महिला की मौत हो गयी.
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आस-पड़ोस की महिलाएं भी देखती रहीं तमाशा
जीवन दीदी जिस समय चिता में जल रही तो आस-पास के लोग चकित जरूर थे लेकिन सभी मौत का तमाशा देखने में लगे थे. राहगीरों ने भी महिला को न रोका न बचाने की कोशिश की. आस-पास की महिलाएं भी घर से निकलकर तमाशा देखने लगीं.
भाई की मौत के बाद बिगड़ गयी थी मानसिक स्थिति
महिला के घर के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि जीवन दीदी के भाई अयोध्या पांडे की मौत के बाद उसके मानसिक स्थिति बिगड़ गयी थी.
वह इससे पहले भी दो-तीन बाहर आत्महत्या का प्रयास कर चुकी थी. घर में अकेली होने के कारण तनाव में रहती थी और छोटी-छोटी बातों में लोगों से उलझ जाती थी.
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