
- नेतरहाट विद्यालय को विश्व मानचित्र पर लाने की सरकार करेगी पहल : हेमंत
- नेतरहाट आवासीय विद्यालय में आयोजित अभिनंदन समारोह में सपत्नीक शामिल हुए मुख्यमंत्री, कहा- पूरे देश का गौरव है विद्यालय
- हेमंत ने कहा, नेतरहाट आवासीय विद्यालय की तरह अन्य विद्यालयों को भी बेहतर बनाने का सरकार कर रही है प्रयास
Ranchi : नेतरहाट आवासीय विद्यालय पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे और उन्नत बनाने की बात की है. उन्होंने कहा है कि यह विद्यालय ना सिर्फ झारखंड बल्कि देश के गौरवशाली और प्रख्यात विद्यालय के रूप में जाना जाता है. इस विद्यालय के गौरव को बताने की जरूरत नहीं है. सिर्फ थोड़ा आकार देने की जरूरत है ताकि विश्व के पटल पर इस विद्यालय को पहचान दिलायी जा सके.
दरअसल सीएम सोरेन विद्यालय परिवार की ओर से आयोजित अभिनंदन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. उन्होंने कहा कि अपने स्थापना काल से ही यह विद्यालय नयी ऊंचाइयों को छू रहा है. इस विद्यालय की अपनी एक अलग ही पहचान है. बस इस पहचान को आगे भी कायम और संरक्षित रखना है.
विद्यालय की समृद्ध व्यवस्था को बनाये रखने और इसे विश्व के मानचित्र पर पहचान दिलाने के लिए सरकार हर संभव पहल करेगी. सरकार की तरफ से संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी.
हेमंत सोरेन ने कहा कि आज नेतरहाट जैसे विद्यालयों की जरूरत है. इस विद्यालय की उर्जा का इस्तेमाल अन्य विद्यालयों की व्यवस्था को बेहतर और उत्तम बनाने में किया जा सकता है. सरकार इस दिशा में बहुत जल्द बड़े कदम उठाने जा रही है.
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लंबे अर्से के बाद दूसरी बार आने से ख्वाहिश हुई पूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे अर्से बाद इस विद्यालय में आने का मौका मिला है. काफी समय से यहां आने की दिली ख्वाहिश थी, जो आज पूरी हुई. दूसरी बार यहां आकर काफी अच्छा लग रहा है. वैसे भी नेतरहाट की मनोरम वादियों में जो सैलानी आते हैं, उनकी यह यात्रा तभी पूरी मानी जाती है, जब उसने नेतरहाट आवासीय विद्यालय को देखा हो. यह विद्यालय हमारे राज्य की शान है.
इस दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालय के ऑडिटोरियम परिसर में पौधरोपण करने के साथ लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया. वहीं विद्यालय के प्राचार्य संतोष कुमार सिंह ने विद्यालय परिवार की ओर से मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन को स्मृति चिन्ह प्रदान किया.
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समावेशी शिक्षा, अनुशासन व बेहतर व्यवस्था के लिए जाना जाता है विद्यालय
उन्होंने कहा कि इस विद्यालय ने समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है. यहां के विद्यार्थी सिर्फ किताबी कीड़ा नहीं होते हैं। वे जब इस विद्यालय से निकलते हैं तो हाथों में हुनर होता है, जिसकी बदौलत वे विभिन्न क्षेत्रों में ना सिर्फ अपनी अलग पहचान बनाते हैं बल्कि दूसरों को भी उस काबिल बनाते हैं. अनुशासन और बेहतर व्यवस्था के लिए के लिए यह विद्यालय जाना जाता है.
विद्यालय की तारीफ करते हुए हेमंत ने कहा कि यहां के विद्यार्थी हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रहे हैं. ये अपने साथ-साथ परिवार, समाज, राज्य और देश का भी नाम रोशन कर रहे हैं. ऐसे संस्थानों को संरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी.
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