
- विधानसभा स्थापना दिवस पर सदन में प्रदेश BJP के नेताओं की अनुपस्थिति को JMM ने संसदीय इतिहास का कलंक बताया
Ranchi : छठ महापर्व के ठीक पहले हेमंत सरकार पर तुष्टीकरण का आरोप लगाने वाले प्रदेश BJP नेताओं पर JMM ने बड़ा पलटवार किया है. रांची के विधायक सीपी सिंह, हटिया विधायक नवीन जायसवाल पर घर पर छठ करने और लोगों को तालाब में जाने के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए पार्टी प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि इन नेताओं का पैर का तक नहीं भीगे.
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी को जानकर भी BJP नेताओं ने हिंदुत्व के नाम पर संप्रदायिकता वाली ओछी राजनीति की और राजधानीवासियों को संकट में डालने का काम किया.
खुद विधायक जी कहते हैं, अरे यह तो राजनीति है.सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अपील पर लोगों ने अपने घरों पर ही छठ महापर्व मना कर सांप्रदायिकता फैलाने वाले ऐसे नेताओं को कड़ा जवाब दिया है.
सुप्रियो के मुताबिक करीब 25% राज्यवासियों ने ही तालाब में जाकर छठ महापर्व किया. रांची विधायक सीपी सिंह के एक बयान पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि खुद विधायक जी कहते हैं कि अरे यह तो राजनीति है. घाट में जाकर पूजा कौन करेगा.
वैसे भी कोरोना को देख बहुत कम लोगों को वे प्रसाद खिलाएंगे. बीजेपी नेताओं को सलाह देते हुए JMM नेता ने कहा कि झारखंडी लोगों को अपने श्रद्धा के साथ कोई भी पर्व मनाने में राजनीति न करें.
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सदन में नेता नहीं होना संसदीय इतिहास में एक कलंक जैसा
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि रविवार को राज्य में विधानसभा स्थापना दिवस मनाया जा रहा है. इस दौरान राज्य के प्रमुख विपक्षी जिनके पास 25 विधायक हैं, उसका अपना नेता भी सदन में नहीं होना संसदीय इतिहास में एक कलंक की बात है.
घृणा की राजनीति करने वाले बीजेपी नेता पिछले 10 माह में अपने लिए सदन का कोई नेता नेता भी नहीं खोज पाए हैं. जब उनके पास 37 विधायक थे तब उन्होंने एक छत्तीसगढ़िया को अपना नेता चुन लिया, लेकिन आज BJP भाड़े पर अपना नेता चुनने को लालयित है.
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