
Ranchi : झारखण्ड भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सदस्य दीपक प्रकाश ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को पत्र लिखा है. इसमें विगत दिनों जेल के लैंड लाइन नंबर से एक अखबार (प्रभात खबर) के प्रधान संपादक को धमकी दिये जाने के मामले की जांच सीबीआइ से कराने की मांग की है. अपने पत्र में चिंता जाहिर करते हुए लिखा है कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां मीडिया को लोकतंत्र के चार स्तंभों में से एक माना जाता है ताकि लोकतंत्र सुचारू और पारदर्शी तरीके से काम करता रहे. राज्य सरकार तथा इसकी एजेंसियों के द्वारा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा सुनिश्चित हो. उन्होंने राज्य सरकार के द्वारा झारखंड़ में कानून व्यवस्था को ठीक ढंग से लागू न करा पाने पर चिंता और दुख व्यक्त किया है. लिखा है कि उनको जानकारी मिली है कि सूचक द्वारा एफआइआर दर्ज कराया गया है और इस मामले को सीआइडी को स्थानांतरित किया जा रहा है. इसके बजाए सीबीआइ जांच हो.
उन्होंने जेल के कैदियों, सत्ता के दलाल एवं राज्य कानून प्रवर्तन एजेंसी के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए लिखा है कि जेल में बंद कैदियों को कानून का कोई डर नहीं है. उनके द्वारा जेल परिसर में कई गैरकानूनी कार्य किया जाता है जिसकी खबर आये दिन समाचार पत्रों के माध्यम से मिलती रहती है. जेल के अंदर गैरकानूनी कार्यों को अंजाम बिना सरकार के संरक्षण और कानून के रखवाले के सहयोग के बिना संभव नहीं है. उन्होंने मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, सुचारू,निष्पक्ष और पारदर्शी जांच तथा दोषियों को कानून के अनुसार उचित दंड देने के लिए मामले को सीबीआइ को हस्तांतरित किये जाने की मांग की है.
इसे भी पढ़ें – राज्य में लॉ एंड ऑर्डर ठीक नहीं यह दुर्भाग्यपूर्ण: राज्यपाल



