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सरकार का दावा- लैंड बैंक में 1189134 एकड़ जमीन, फिर भी लटके हैं बड़े प्रोजेक्ट

बियाडा, आयडा, स्पीयाडा और रियाडा के पास 500.53 एकड़ जमीन, सरकारी विभागों के पास है 7173 एकड़ जमीन

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Ravi Aditya

Ranchi: एक ओर सरकार दावा कर रही है कि उद्योगों को जमीन दी जायेगी. लेकिन जमीन रहते हुए भी उद्योगों को जमीन नहीं मिल रही है. राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार लैंड बैंक में 1189134 एकड़ जमीन उपलब्ध है. इसमें गैर मजरूआ आम 229345 एकड़, गैर मजरूआ झाड़ी जंगल 100673, गैर मजरूआ खास 851948 एकड़ और विभागों के पास 7173 एकड़ जमीन उपलब्ध है. इसके बावजूद उद्योगों को जमीन नहीं मिल रही है.

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औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी है जमीन

राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार, उद्योगों के लिए भी सरकारी जमीन उपलब्ध है. बियाडा के पास 153.62 एकड़, आयडा के पास 52.59 एकड़, स्पीयाडा के पास 106.86 एकड़ और रियाडा के पास के 187.46 एकड़ जमीन उपलब्ध है. इस हिसाब से औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए 500.53 एकड़ जमीन मौजूद है.

जमीन के कारण लटके हैं कई बड़े प्रोजेक्ट

तिलैया प्लांट: 470 एकड़ जमीन चिन्हित की गयी है. 1200 एकड़ वन भमि का क्लीयरेंस मिला है. लगभग एक साल से स्थिति जस की तस है. जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है. 4000 मेगावाट का प्लांट है.

देवघर प्लांट: इस प्लांट के लिए गोसाइ पहाड़ी कोल ब्लॉक आबंटित है. इसके लिए 2432 एकड़ जमीन चिन्हित की गयी है. इसमें 1732 एकड़ निजी, 300 एकड़ सरकारी और 400 एकड़ वन भूमि है. जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है.
ग्रिड और ट्रांसमिशन लाइन: एक दर्जन से अधिक ग्रिड और ट्रांसमिशन लाइन को जमीन नहीं मिल पाई है. इसमें बेड़ो, पतरातू, लोहरदगा सहित अन्य जगहों पर बनने वाले ग्रिड और लाइन शामिल हैं.

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जमीन नहीं मिलने पर एमओयू जमींदोज

जमीन नहीं मिलने के दो दर्जन से अधिक एमओयू जमींदोज हो गये. इसमें रूंगटा माइंस, मैथिली एनर्जी, जीएमआर एनर्जी, जीवेके, परागदिश इस्पात, एसकेएस इस्पात, इलेक्ट्रो स्टील, सूर्या विनायका, गंगा स्पंज, केवीके नीलांचल, वीजा पावर, इमामी पेपर, मां चांदी, कोर स्टील, गुप्ता एनर्जी, सीइएससी, मधुकॉन, कॉरपोरेट एलायज, आदित्य बिड़ला जैसी कंपनियां शामिल हैं.

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सड़कों का नहीं बना कॉरिडोर

जमीन के कारण राज्य में सड़कों का कॉरिडोर नहीं बन पाया. हर गांव को पहुंच पथ से जोड़ने की योजना पूरी नहीं हो पायी. सात जिलों में बाईपास नहीं बन पाया.

बोकारो एक्सप्रेस वे लंबित

जमीन नहीं मिलने के कारण बोकारो एक्सप्रेस वे लंबित हो गया. सरकार ने जो डीपीआर तैयार किया उसके हिसाब से लगभग 200 करोड़ से भी अधिक मुआवजा दिया जाने की बात सामने आई.

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किस जिले में कितनी जमीन है उपलब्ध

रांची: 107677 एकड़
गुमला: 192997 एकड़
खूंटी: 37380 एकड़
सिमडेगा: 358990 एकड़
लोहरदगा: 17490 एकड़
गिरिडीह: 452074 एकड़
बोकारो: 21827 एकड़
रामगढ़- 4284 एकड़
हजारीबाग: 25190 एकड़
चतरा: 6393 एकड़

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धनबाद: 30769 एकड़
कोडरमा: 4128 एकड़
दुमका: 90531 एकड़
देवघर: 43043 एकड़
पाकुड़: 49817 एकड़
गोड्डा: 24403 एकड़
जामताड़ा: 35962 एकड़
साहेबगंज: 39591 एकड़
पलामू: 3282 एकड़
लातेहार: 79177 एकड़
गढ़वा: 33546 एकड़
पश्चिमी सिंहभूम: 375662 एकड़

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