
Ranchi: झारखंड के कॉलेजों में उच्च शिक्षा ले रही छात्राओं की फीस अब हेमंत सरकार भरेगी. राज्य सरकार के उच्च शिक्षा निदेशालय ने यह निर्णय लिया है. उच्च शिक्षा विभाग ने झारखंड के सभी विश्वविद्यालयों से उनके कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं की सूची मांगी है.
सरकार ने उठाया फीस का जिम्मा
निदेशालय ने सभी विवि से उनके कॉलेजों में नामांकित छात्राओं की लिस्ट तैयार कर उच्च शिक्षा निदेशालय को सौंपने को कहा है. ताकि राज्य के कॉलेजों में पढ़ने वाली नामांकित छात्रओं की कुल संख्या प्राप्त हो सके.
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इसके आधार पर राज्य सरकार विश्वविद्यालयों को फंड आवंटित करेगी. अब सरकार से इस मद में राशि का भुगतान करने के बाद कॉलजों को अपने मद से किसी भी युवती की फीस का भुगतान नहीं करना पड़ेगा और कॉलेज प्रबंधन को अन्य आवश्यक काम करने में सुविधा होगी.
विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों की बैठक में लाया गया था प्रस्ताव
अब तक छात्राओं की फीस कॉलेज फंड से चुकायी जाती थी, लेकिन अब राज्य सरकार ने छात्रओं की फीस देने का निर्णय लिया है. इसके लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने दिशा-निर्देश जारी किया है. उच्च शिक्षा निदेशालय में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों की बैठक में यह प्रस्ताव लाया गया था, जिस पर बाद में निर्णय लिया गया.
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घोषणा पत्र में भी युवतियों की मुफ्त शिक्षा की कही थी बात
हेमंत सोरेन की सरकार ने सत्ता में आने से पहले अपने चुनावी घोषणा पत्र में राज्य की महिलाओं और युवतियों को लेकर कई बड़े वादे किये थे. अपने वादों में हेमंत सोरेन की पार्टी झामुमो ने कहा था कि महिलाओं को उच्च शिक्षा के लिए भी पैसों का आभाव ना हो इसका ध्यान रखेंगे.
उन्होंने अपने चुनावी घोषणापत्र में केजी से लेकर पीजी तक मुफ्त शिक्षा की बात कही थी. सरकार का यह निर्णय अगर कागजों और आदेशों तक ही सीमित ना रहे तो राज्य की युवतियों को बहुत लाभ मिलने वाला है. पैसों के आभाव में उनकी शिक्षा रुकेगी नहीं.
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