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#NewsWing पड़तालः रघुवर सरकार ने मोमेंटम झारखंड को लेकर झूठ बोला, विधानसभा में दी गलत जानकारी

Akshay Kumar Jha

Ranchi: न्यूजविंग ने मोमेंटम झारखंड को लेकर एक बाद एक कई चौंकाने वाले सच सामने लाये. लेकिन सूबे की पूर्व बीजेपी सरकार और उसके मुखिया रघुवर दास ने घोटाले को हमेशा छिपाया.

यहां तक कि लोकतंत्र का मंदिर कहे जाने वाले विधानसभा में भी झूठ बोला. लेकिन ये झूठ छिप ना सका.

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न्यूज विंग की खबर को आधार मानते हुए पूर्व विधाय़क अरूप चटर्जी ने विधानसभा के चालू सत्र में मोमेंटम झारखंड को लेकर सवाल किये.

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सरकार की तरफ से जो जवाब दिये गये, वे सरासर गलत निकले. ऐसा न्यूज विंग की पड़ताल के बाद सामने आया है.

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सरकार ने इस तरह किया जनता को गुमराह 

सवाल : क्या यह बात सही है कि SIBICS Housing p Ltd. नाम की एक कंपनी ने Deptt. of Industry, Mines & Geology से EPS pannel Single, Double, Multi-layer PCB बनाने के लिए 6400 करोड़ का करार किया है?

सरकार का जवाब : उत्तर स्वीकारात्मक है. नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखंड के साथ कंपनी ने Letter of Intent (LOI) पर हस्ताक्षर किया है.

सवाल : क्या यह बात सही है कि कंपनी ना तो मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स में रजिस्टर है और ना ही ये कंपनी दूसरा कोई काम कर रही है? इस कंपनी की कोई वेबसाइट तक नहीं है और ना ही कोई पता ही है.

सरकार का जवाब : हस्ताक्षरित LOI  में कंपनी का पताः सबरजोत सिंह, डायरेक्टर, SIBICS Housing p. Ltd, 2&4 jeevan Deep Annexe, 10 parliament Street, New Delhi. बताया गया है.

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सरबजोत सिंह ने क्या कहा?

सरकार जिस सरबजोत सिंह का नाम डायरेक्टर के तौर पर बता रही है उनका newswing.com ने  इंटरव्यू किया:

सवालः क्या आपकी कंपनी SIBICS Housing p Ltd.  मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स में रजिस्टर्ड नहीं है?

जवाबः क्या कभी हो सकता है ऐसा! आप वेबसाइट पर जायें और ढ़ूढ़ लें. किसी को ढ़ूंढ़ना नहीं आता है तो मैं क्या कर सकता हूं? आपके एमएलए पढ़े-लिखे नहीं हैं तो मैं क्या कर सकता हूं?

सवालः जिस काम के लिए आपने करार किया है, आपको उस काम का कोई तजुर्बा है?

जवाबः जरूरत नहीं है मुझे. काम करने की जरूरत नहीं है मुझे. क्योंकि मुझे काम करना आता है, तो मैं कर सकता हूं. पैसा मैं लगा रहा हूं. आपका कुछ ले रहा हूं मैं?

सवालः आपकी कंपनी SCIBICS का फुलफॉर्म क्या होता है.

जवाबः ये जर्मन कंपनी है और ये कोई SCIBICS नहीं है. इसका नाम SIBCS है. आप इसके साइट पर जाकर देख सकते हैं. साइट है www.sibcs.de.

सवालः लेकिन सरकार ने माना है कि आपकी कंपनी का नाम SIBICS Housing p Ltd है.

जवाबः आपने गलत नाम पढ़ा है. SIBICS Housing p Ltd नाम की कोई कंपनी ही नहीं है. एक साल पहले ही हमने इस कंपनी का नाम बदला है. इसका रजिस्टर्ड पता मेरे घर का पता है. पता है 334, नीलगिरी अपार्टमेंट, अलखनंदा, नयी दिल्ली, साउथ दिल्ली- 110019

सवालः लेकिन सरकार ने तो पता बताया है सबरजोत सिंह, डायरेक्टर, SIBICS Housing p Ltd, 2&4 jeevan Deep Annexe, 10 parliament Street, New Delhi.

जवाबः ये पता मेरे भाई के ऑफिस का है, मेरा नहीं. मेरे भाई की Insurance की कंपनी है. मैं भी इससे पहले Insurance का ही काम करता था. अभी भी करता हूं. चार पांच कंपन में मैं डायरेक्टर हूं.

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