
Ranchi : उत्तरकाशी सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने की कोशिश आखिरकार मंगलवार को रंग लायी. 17 दिनों के बाद मजदूरों को निकालने का काम पूरा हो गया. खूंटी के रहने वाले विजय होरो और गणपति हाेरो को सबसे पहले निकाला गया. एक एक कर सभी 41 मजदूरों को सुरंग से बाहर निकाल लिया गया. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने मिल कर मजदूरों को सुंरग से बाहर निकाला. कुल 41 फंसे मजदूरों में झारखंड के भी 15 मजदूर शामिल हैं. इन मजदूरों को रेस्क्यू करने के लिए केंद्र सरकार से लेकर उत्तराखंड सरकार और अलग-अलग राज्यों की सरकारों की ओर से प्रयास किया गया. झारखंड श्रम विभाग की ओर से भी इस मामले में प्रयास किया गया.
बचाव के बाद श्रमिकों को 48 से 72 घंटे तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा जायेगा. श्रमिकों को निकासी के बाद तत्काल चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए सुरंग के अंदर आठ बिस्तरों वाला एक अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया गया है.
टनल से बाहर निकालने के बाद मजदूरों के स्वास्थ की जांच की जा रही है. उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा है.
जिला अस्पताल में 30 बेड की पहले ही सुविधा तैयार है. 10 की फैसिलिटी साइट पर रेडी है. श्रमिकों के बाहर आते ही उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस सुरंग के बाहर तैयार खड़ी थी. श्रमिकों को निकटवर्ती चिन्यालीसौड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जाएगा जहां 41 बिस्तरों का एक अलग वॉर्ड बनाया गया है.
12 नवंबर को हुआ था हादसा
उत्तरकाशी के सिलक्यारा में चार धाम रोड परियोजना पर ये हादसा हुआ. 12 नवंबर को दीपावली के दिन यह हादसा हुआ. साढ़े चार किलोमीटर लंबा निर्माणाधीन हिस्सा ढह गया. जिसके बाद सुरंग के 70 मीटर क्षेत्र में मलबा फैल गया, जिससे मजदूरों का रास्ता बंद हो गया. इससे 41 मजदूर सुरंग में ही फंस गये थे. पिछली रात जब रेस्क्यू टीम सुरंग की खुदाई कर रही थी, तो स्टील की पाइप ड्रिलिंग मशीन से टकराई. जिसे काट कर हटा दिया गया है.
कौन मजदूर कहां से
टनल में फंसे मजदूरों में रांची के तीन, पूर्वी सिंहभूम के 7, खूंटी के 3 और गिरिडीह के दो मजूदर हैं. देश भर की बात करें तो अलग-अलग जिलों के कुल 41 मजदूर सुरंग में फंसे हैं. विश्वजीत कुमार और सुबोध कुमार गिरिडीह से, रांची से अनिल बेदिया, श्राजेंद्र बेदिया और सुखराम, खूंटी से विजय होरो, चमरा उरांव, गणपति खिदुआ. पूर्वी सिंहभूम से टिकु सरदार, गुनोधर, रणजीत, रविंद्र नायक, समीर, महादेव और मुदतू मुर्मू हैं.
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