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गोड्डा : #MNREGA में तकनीकी सहायक की नियुक्ति में ‘खेल’, आवेदक ने एक साल में डिप्लोमा से बीटेक तक किया पूरा

Ranchi : गोड्डा में मनरेगा के तहत तकनीकी सहायक पदों में नियुक्ति के लिए चल रही प्रक्रिया में बड़ा खेल हुआ है.

एक साल से अटकी नियुक्ति प्रक्रिया को तीन दिन में पूरा कर उम्मीदवारों को 23 सितंबर तक ज्वाइन करने को कहा है. लेकिन इस चयन में जिन उम्मीदवारों के नाम आये हैं,  उनमें से कई उम्मीदवारों ने गलत दस्तावेज देकर मेधा सूची में स्थान पाया है. उन्हें ज्वाइन करने को भी कहा गया है.

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किनके दस्तावेज में गड़बड़ी

गोड्डा में मनरेगा के तहत तकनीकी सहायक की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है जिसमें आवेदन करने के बाद मेधा सूची तैयार कर उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा के लिए बुलाया गया. इसमें उम्मीदवारों ने गलत दस्तावेज देकर मेधा सूची में स्थान पाया है.

जिन उम्मीदवारों ने गलत दस्तावेज दिये हैं, उनमें सौरभ कुमार यादव, आशीष रंजन चंद्रवंशी, ओनम कुमारी, मो तारीक आजम, गोरा चंद शाह और अभिषेक कुमार ने नाम शामिल हैं.

क्या हैं गड़बड़ियां

जानकारी के अनुसार आवेदन में उम्मीदवार को 2016 में बने निवासी प्रमाण पत्र देने थे. लेकिन मेधा सूची में पहले स्थान पर आये सौरभ कुमार यादव ने 10.10.2015 में एसडीओ से निवासी प्रमाण पत्र को अपलोड किया है.

इसी तरह मेधा सूची में तीसरे स्थान पर रही ओनम कुमारी ने वर्ष 2016 में ही इंजीनियरिंग में डिप्लोमा और बीटेक दोनों कोर्स पूरा होने का प्रमाण दिया है. ओनम ने तो 2016 में ही तीन साल के कार्यानुभव को दिखाया है.

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इसके अलावा मो तारीक आजम ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी से बीटेक की डिग्री दिखायी है. आवेदन में कहा गया था कि एआइसीटीइ से मान्यता प्राप्त संस्थान ने बीटेक की डिग्री होनी चाहिए. यह संस्थान एआइसीटीइ से मान्यता प्राप्त नहीं है.

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एक साल से अटकी थी नियुक्ति प्रक्रिया

गौरतलब है कि मनरेगा ने गोड्डा जिले में तकनीकी सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, लैब सहायक और कंप्यूटर ऑपरेटर के विभिन्न पदों पर बहाली निकाली थी.

विज्ञापन सितंबर 2018 में ही निकाला गया था. 05 सितंबर से 20 सितंबर तक आवेदन मांगे गये थे. एक साल तक नियुक्ति प्रक्रिया में कुछ नहीं हुआ. फिर अचानक से नोटिफिकेशन जारी कर 16 सितंबर को लिखित परीक्षा ली गयी.

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