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#AyushmanBharat : #Orchid इम्पैनल्ड नहीं, #Medica व #Medanta में दो या तीन रोगों का ही इलाज

Kumar Gaurav

Ranchi : भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘आयुष्मान भारत’ से गांव-गांव तक गरीबों को लाभ मिलने के दावे किये जाते हैं. लेकिन सच्चाई ये है कि राजधानी रांची के ही कई प्राइवेट अस्पताल इस योजना को ठेंगा दिखा रहे हैं.

प्राइवेट अस्पताल अपनी मर्जी के अनुसार लाभ देते हैं. अधिकतर मामलों में तो योजना के तहत आये मरीजों को बाहर का रास्ता ही दिखा दिया जाता है. शहर के चार बड़े अस्पतालों में से दो में आयुष्मान के तहत इलाज ही नहीं होता.

ऑर्किड अस्पताल में आयुष्मान के तहत ईलाज नहीं होता, वहीं मेडिका अस्पताल, मेदांता और आलम सिर्फ दो या तीन बीमारियों के लिए ही आयुष्मान से इम्पैनल्ड हैं. मतलब सिर्फ हार्ट और किडनी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों का ही इलाज आयुष्मान से होता है.

उसमें भी ये कोशिश करते हैं कि मरीजों को किसी तरह आयुष्मान के तहत ना लेना पड़े. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सिविल सर्जन किसी भी अस्पताल में इस मामले को लेकर दखल देना नहीं चाहते. यूं कहें कि कोई भी प्राइवेट अस्पताल सिविल सर्जन की बात सुनने को तैयार नहीं.

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ऑर्किड अस्पताल ने नहीं कराया है इम्पैनलमैंट

शहर के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक आर्किड अस्पताल ने अभी तक आयुष्मान भारत योजना के तहत इम्पैनलमेंट ही नहीं कराया है. आर्किड अस्पताल की लापरवाही के कारण पीएमओ के आदेश के बाद कार्रवाई की बात चल रही है.

पर सिविल सर्जन दो बार जांच रिपोर्ट आने के बाद भी तीसरी बार जांच की मांग कर रहे हैं. मतलब ऑर्किड किसी भी सरकारी योजना का लाभ मरीजों को नहीं दे रहा है. इसके अलावा ऑर्किड ईएसआइसी से भी इम्पैनल्ड नहीं है.

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मेडिका सिर्फ दो बीमारियों का करता है इलाज

आयुष्मान भारत योजना के तहत शहर का एक और बड़ा अस्पताल मेडिका सिर्फ दो बीमारियों का इलाज करता है. किडनी और कार्डियो के तहत इलाज कराने वाले मरीजों को ही इस अस्पताल में आयुष्मान का लाभ मिल पाता है.

उसमें से भी एडमिशन काउंटर में पहले कोशिश की जाती है कि आयुष्मान के तहत मरीज को भर्ती ना कराया जा सके. मेडिका सबसे अधिक ईएसआई, ईसीएचएस  और कॉरपोरेट पेशेंट का इलाज करता है.

मेदांता में भी सिर्फ दो बीमारियों का इलाज

मेदांता अस्पताल में आयुष्मान के तहत सिर्फ दो बीमारियों का इलाज किया जा रहा है. ऐसे में मरीजों को इस अस्पताल मे इलाज के लिए बहुत ही अधिक पैसे का भुगतान करना पड़ता है.

मेदांता सिर्फ हार्ट और आई सर्जरी ही करता है. मेदांता पर भी रांची सिविल सर्जन के स्तर से गंभीर बिमारी योजना के तहत कार्रवाई की गयी है. गंभीर बीमारी योजना के तहत भी इलाज नहीं होता है.

सैमफोर्ड में सभी रोगों का इलाज

नवनिर्मित सैमफाॅर्ड अस्पताल खुद को सुपरस्पेशलिटी अस्पताल बताता है. इस अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत सभी बीमारियों का इलाज किया जा रहा है.

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