JharkhandRanchi

#AyushmanBharat : #Orchid इम्पैनल्ड नहीं, #Medica व #Medanta में दो या तीन रोगों का ही इलाज

Kumar Gaurav

Ranchi : भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘आयुष्मान भारत’ से गांव-गांव तक गरीबों को लाभ मिलने के दावे किये जाते हैं. लेकिन सच्चाई ये है कि राजधानी रांची के ही कई प्राइवेट अस्पताल इस योजना को ठेंगा दिखा रहे हैं.

प्राइवेट अस्पताल अपनी मर्जी के अनुसार लाभ देते हैं. अधिकतर मामलों में तो योजना के तहत आये मरीजों को बाहर का रास्ता ही दिखा दिया जाता है. शहर के चार बड़े अस्पतालों में से दो में आयुष्मान के तहत इलाज ही नहीं होता.

advt

ऑर्किड अस्पताल में आयुष्मान के तहत ईलाज नहीं होता, वहीं मेडिका अस्पताल, मेदांता और आलम सिर्फ दो या तीन बीमारियों के लिए ही आयुष्मान से इम्पैनल्ड हैं. मतलब सिर्फ हार्ट और किडनी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों का ही इलाज आयुष्मान से होता है.

उसमें भी ये कोशिश करते हैं कि मरीजों को किसी तरह आयुष्मान के तहत ना लेना पड़े. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सिविल सर्जन किसी भी अस्पताल में इस मामले को लेकर दखल देना नहीं चाहते. यूं कहें कि कोई भी प्राइवेट अस्पताल सिविल सर्जन की बात सुनने को तैयार नहीं.

इसे भी पढ़ें : हजारीबाग में  # EnforcementDirectorate ने नक्सली बिनोद कुमार गंझू,प्रदीप राम और उसके परिजनों  की 2.89 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की

ऑर्किड अस्पताल ने नहीं कराया है इम्पैनलमैंट

शहर के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक आर्किड अस्पताल ने अभी तक आयुष्मान भारत योजना के तहत इम्पैनलमेंट ही नहीं कराया है. आर्किड अस्पताल की लापरवाही के कारण पीएमओ के आदेश के बाद कार्रवाई की बात चल रही है.

adv

पर सिविल सर्जन दो बार जांच रिपोर्ट आने के बाद भी तीसरी बार जांच की मांग कर रहे हैं. मतलब ऑर्किड किसी भी सरकारी योजना का लाभ मरीजों को नहीं दे रहा है. इसके अलावा ऑर्किड ईएसआइसी से भी इम्पैनल्ड नहीं है.

इसे भी पढ़ें : झारखंड इंजीनियरिंग कॉलेज : #AcademicSession 2020-21 में भी JEEMain से ही होगा नामांकन

मेडिका सिर्फ दो बीमारियों का करता है इलाज

आयुष्मान भारत योजना के तहत शहर का एक और बड़ा अस्पताल मेडिका सिर्फ दो बीमारियों का इलाज करता है. किडनी और कार्डियो के तहत इलाज कराने वाले मरीजों को ही इस अस्पताल में आयुष्मान का लाभ मिल पाता है.

उसमें से भी एडमिशन काउंटर में पहले कोशिश की जाती है कि आयुष्मान के तहत मरीज को भर्ती ना कराया जा सके. मेडिका सबसे अधिक ईएसआई, ईसीएचएस  और कॉरपोरेट पेशेंट का इलाज करता है.

मेदांता में भी सिर्फ दो बीमारियों का इलाज

मेदांता अस्पताल में आयुष्मान के तहत सिर्फ दो बीमारियों का इलाज किया जा रहा है. ऐसे में मरीजों को इस अस्पताल मे इलाज के लिए बहुत ही अधिक पैसे का भुगतान करना पड़ता है.

मेदांता सिर्फ हार्ट और आई सर्जरी ही करता है. मेदांता पर भी रांची सिविल सर्जन के स्तर से गंभीर बिमारी योजना के तहत कार्रवाई की गयी है. गंभीर बीमारी योजना के तहत भी इलाज नहीं होता है.

सैमफोर्ड में सभी रोगों का इलाज

नवनिर्मित सैमफाॅर्ड अस्पताल खुद को सुपरस्पेशलिटी अस्पताल बताता है. इस अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत सभी बीमारियों का इलाज किया जा रहा है.

इसे भी पढ़ें : भूल गयी सरकार : CM ने 2 हजार वनरक्षी के पदों पर नियुक्ति का किया था वादा, एक साल से इंतजार में युवा

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button