Giridih

गिरिडीहः खंडौली डैम की सफाई में खर्च होंगे 44 करोड़, 50 लाख की लागत से लगेंगे नये फाटक

एक सौ करोड़ की लागत से गिरिडीह के ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही वॉटर सप्लाई योजना, पांच का कार्य पूराः रामचन्द्र सहिस

मंत्री बनने के बाद पहली बार गिरिडीह पहुंचे राज्य के पीएचईडी मंत्री रामचन्द्र सहिस

स्थानीय विधायक और अधिकारियों से लिया फीडबैक

Giridih: पेयजल, स्वच्छता व जल संसाधन मंत्री रामचन्द्र सहिस सोमवार को दुमका से लौटने के क्रम में गिरिडीह पहुंचे. जहां शहर के परिसदन भवन में स्थानीय विधायक निर्भय शाहाबादी, पीएचईडी के अधिकारियों से मंत्री सहिस ने इलाके में चल रही विभागीय योजना की जानकारी ली.

इसके बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री सहिस ने दावा कि राज्य के नदियों को बचाने का अभियान शुरु हो चुका है. खुद सूबे के सीएम रघुवर दास नदियों में जल संचयन की दिशा में सकारात्मक पहल कर रहे हैं.

इसे भी पढ़ेंःपलामू : मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग, सख्त कानून बनाने की रखी मांग

खंडोली डैम की सफाई पर 44 करोड़ का आयेगा खर्च

हालांकि बातचीत के क्रम में पत्रकारों ने शहर के खंडौली डैम की सफाई से जुड़े सवाल पूछे तो मंत्री के बजाय स्थानीय विधायक शाहाबादी ने बताया कि डैम की सफाई का डीपीआर बन चुका है.

पूरे डैम से गाद की सफाई में करीब 44 करोड़ का खर्च आयेगा. वैसे जो सफाई फिलहाल शुरु की गयी है, वह सीएसआर के तहत हो रहा है.

लेकिन सीएसआर से पूरे डैम की सफाई संभव नहीं है. लिहाजा, डीपीआर तैयार हो चुका है. संभवत अगले साल सफाई शुरु होगी. विधायक शाहाबादी ने यह भी कहा कि डैम में नए फाटक भी 50 लाख की लागत से बनाया जायेगा.

इसे भी पढ़ेंःमशीन में खराबी के कारण 34 परिवारों को छह माह से नहीं मिल रहा राशन

एक सवाल के जवाब में विधायक शाहाबादी ने कहा कि खंडौली डैम से जलापूर्ति बाधित होने का कारण खंडौली एक्सप्रेस लाइन की बिजली आपूर्ति में फॉल्ट आना था.

क्योंकि डैम में बगैर पावर सब स्टेशन के निर्माण और गरहाटांड में टावर निर्माण के बगैर डैम में बिजली आपूर्ति सुधारना संभव नहीं है. लिहाजा टावर निर्माण का कार्य जल्द पूरा किया जाएगा.

ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही 18 योजनाएं

इधर बातचीत के दौरान मंत्री रामचन्द्र सहिस ने दावा किया मंत्री बनने के बाद वह खुद अब पूरे राज्य का दौरा कर रहे हैं और अधिकारियों के साथ-साथ आम लोगों से सुझाव ले रहे हैं कि किन क्षेत्रों में किस प्रकार की योजना उतार कर पेयजल की समस्या को दूर किया जा सकता है.

बातचीत के क्रम में मंत्री ने कहा कि मंत्रालय संभाले कुछ ही दिन हुए हैं. अब जो फीडबैक मिला है. उसके अनुसार गिरिडीह में एक सौ करोड़ की लागत से ग्रामीण क्षेत्रों में 18 योजनाएं चल रही हैं. जिसमें पांच योजनाएं पूरी हो चुकी हैं.

जिसमें वॉटर सप्लाई से जुड़े चेकडैम की भी योजना शामिल है. हर योजना में गुणवत्ता और पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है.

एक सवाल के जवाब में मंत्री ने यह भी बताया कि गर्मी को देखते हुए ही राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में चापानल की मरम्मत समेत अन्य कार्यो के लिए एक सौ करोड़ का फंड दिया गया है.

इसे भी पढ़ेंःयौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद अंडरग्राउंड हुए विधायक प्रदीप यादव

Related Articles

Back to top button