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गिरिडीह: रंजीत साहू हत्याकांड का आरोपी मोकिम सबूतों के अभाव में रिहा

Giridih: मुफ्फसिल थाना के चर्चित थाना कांड संख्या 322/20 18 वर्षीय युवक रंजीत साहू हत्याकांड के एक आरोपी मोहम्मद मौकिम अंसारी को गिरिडीह थर्ड एडीजे सोमनाथ सिकदर के कोर्ट ने बुधवार को सबूतों के अभाव में रिहा कर दिया है. मामले में पुलिस द्वारा पेश किए हुए सबूतों को कोर्ट ने कम मानते हुए मोकिम अंसारी को रिहा किया. रिहा किया गया आरोपी मोकीम शहर का रहने वाला था. और साल 2020 में हुए रंजीत साहू हत्याकांड में जावेद अंसारी के साथ मिलकर मौकीम द्वारा हत्या किए जाने की बात सामने आई थी. जबकि हत्याकांड के मुख्य आरोपी जावेद अंसारी पर कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ. जानकारी के अनुशार हत्याकांड के बाद से ही जावेद फरार चल रहा था. लेकिन पिछले साल पांच सितंबर को पुलिस ने इस मुख्य आरोपी जावेद को दबोचा था. और जेल भेजा था, जेल भेजे जाने के बाद हत्याकांड के मामले में रंजीत साहू के कई रिश्तेदारों का गवाह थर्ड एडीजे के कोर्ट में हो चुका है. माना जा रहा है थर्ड एडीजे सोमनाथ सिकदर का कोर्ट कभी फैसला सुना सकता है. गौरतलब है की महेशलुंडी निवासी 18 वर्षीय युवक रंजीत साहू की हत्या उसके दोस्तो ने साल 2020 में मुफ्फसिल थाना इलाके के बरहमोरिया के राजा बंगला में चाकू से गोद कर और पत्थर से कूच कर दिया था. हत्या के दूसरे दिन रंजीत साहू का शव इसी राजा बंगले में पड़ा मिला था. युवक के शव के पास बीयर की बोतलों के साथ कई और नशीला पदार्थ भी बरामद किया गया था. मुफ्फसिल थाना पुलिस ने शव के साथ इन समानों को बरामद किया था.

जानकारी के अनुशार जावेद जहा मुफ्फसिल थाना इलाके के करहबारी के धोबीडीह गांव का रहने वाला था. तो वही दूसरा आरोपी माेकिम अंसारी शहर का रहने वाला था. जांच के क्रम में और युवक रंजीत साहू के परिजनों के संदेह के आधार पर पुलिस ने मोकिम को दबोचा था. जबकि जावेद फरार चल रहा था. लेकिन हत्या के कारण उस वक्त रंजीत साहू और जावेद के बीच बकाया पैसे के लेनदेन को लेकर सामने आया था. तीन साल पहले हुए इस हत्याकांड को लेकर पुलिस इसी मुख्य आरोपी जावेद को दबोचने को लेकर गिरिडीह समेत मुंबई और कई दूसरे राज्य में छापेमारी तक की थी. लेकिन जावेद को पुलिस दबोचने में असफल रही. इसके बाद कोर्ट से पुलिस ने जावेद के घर का कुर्की जब्ती का वारंट लेकर धोबीडीह घर में दबिश दिया, और सारे समान को जब्त करते हुए घर के एक हिस्से को बुलडोजर से तोड़ दिया था. इसके बाद भी जावेद ने कोर्ट और पुलिस के समीप सरेंडर नही किया. वही पिछले साल सितंबर में इस आरोपी को पकड़ कर जेल भेजा गया. और अब कोर्ट में इसके खिलाफ ट्रायल शुरू हुआ है.

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