
Palamu: मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल मेदिनीनगर की दुर्दशा के खिलाफ शुक्रवार की सुबह पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी अस्पताल परिसर में ही धरना पर बैठ गए. उन्होंने अस्पताल की पूरी व्यवस्था पर सवाल उठाया और इसके लिए नीचे से लेकर ऊपर स्तर के कर्मियों को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि ऊंची ऊंची बिल्डिंग में बना दी गई है, लेकिन सुविधा और जिम्मेवारी नाम की कोई चीज नहीं रह गई है. डॉक्टर, नर्स और चिकित्साकर्मी कोरम पूरा करते हैं. नतीजा मरीज को सुविधा नहीं मिल पाती. मरीज तड़पते रह जाते हैं. ऐसी व्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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बताते चले कि जिले के चैनपुर प्रखंड के चांदो के 45 वर्षीय भूपेंद्र नाथ सिंह को गुरुवार को हार्ड अटैक आया था. उसे इलाज के लिए एमआरएमसीएच में भर्ती कराया गया था. लेकिन कोई इलाज न कर केवल भर्ती मरीज का ईसीजी कराकर छोड़ दिया गया. रेफर होने के बाद मरीज के परिजनों ने जब 108 पर कॉल किया तो एंबुलेंस भी नहीं आई. अस्पताल में इलाज नहीं होने और बाहर ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिलने पर मरीज की स्थिति बिगड़ने लगी.
गुरुवार की रात में इसकी जानकारी पूर्व मंत्री के.एन. त्रिपाठी को हुई. सूचना मिलने के बाद पूर्व मंत्री कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल पहुंचे और मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए. उन्होंने व्यवस्था में बदलाव की मांग की. मौके पर पहुंचे सिविल सर्जन डॉक्टर अनिल सिंह,अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर आर के रंजन ने पूर्व मंत्री को भरोसा दिलाया कि लापरवाह डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. ठोस आश्वासन मिलने पर श्री त्रिपाठी ने करीब 2 घंटे धरना देने के बाद अपना आंदोलन खत्म किया.




